कुर्मी समाज को एसटी में शामिल कराने को लेकर राज्य सचिवालय में समुदाय के प्रतिनिधियों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच 45 मिनट तक एक बैठक हुई। जिसमें यह निर्णय लिया गया।
पश्चिम बंगाल सरकार कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए केंद्र को पत्र लिखने पर विचार कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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कुर्मी समाज को एसटी में शामिल कराने को लेकर राज्य सचिवालय में समुदाय के प्रतिनिधियों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच 45 मिनट तक एक बैठक हुई। जिसमें यह निर्णय लिया गया। बनर्जी ने कुर्मी समुदाय के तीन प्रतिनिधियों शुभेंदु महतो, विजय महतो और सुनील महतो ने जंगलमहल क्षेत्र के विधायकों से मुलाकात की। बनर्जी ने बैठक के दौरान कहा कि उनकी सरकार इस मसले पर केंद्र को चार बार पत्र लिख चुकी है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला है।
एक अधिकारी ने कहा, मुख्यमंत्री ने कुर्मी समाज के लोगों को उनकी मांगों पर केंद्र को फिर से पत्र लिखने पर विचार करने का आश्वासन दिया। वह एक नया कुर्मी समाज विकास बोर्ड बनाने पर भी सहमत हुईं।
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बैठक में वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हकीम, मोलॉय घटक और मुख्य सचिव एचके द्विवेदी भी मौजूद थे। पिछले महीने, कुर्मी समुदाय के कई संगठनों ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में कुर्मी समुदाय को शामिल करने की मांग को लेकर तीन दिनों से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन किया था और रेलवे पटरियों और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया था।