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'वोटों की हेराफेरी से जीता बंगाल चुनाव': कांग्रेस ने पीएम और गृहमंत्री पर लगाए आरोप, सीईसी का मांगा इस्तीफा

Tue, 06 Oct 2026 10:26 AM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, कोलकाता

सार

कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल चुनाव और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही कांग्रेस ने यह भी दावा किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को किसी भी हाल में इस्तीफा देना ही पड़ेगा। 
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कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने दावा किया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली हुई और इसकी निगरानी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हुई। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अगर 'पुतले' को जाना है तो उसके पीछे खड़े दो 'सूत्रधारों' को भी जवाबदेह ठहराना होगा।
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चुनाव आयोग के 'क्लोजेट' से निकल रहे नए कंकाल: जयराम रमेश
जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसआईआर से जुड़ी अपीलों की सुनवाई के लिए नियुक्त किए गए एक दर्जन से ज्यादा ट्रिब्यूनल के न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग के आईटी विभाग की ओर से बनाए गए डिजिटल पोर्टल में कई गंभीर खामियां बताई हैं। इन अपीलों में हटाए गए 27 लाख मतदाताओं से जुड़े मामले भी शामिल हैं। रमेश ने अपनी पोस्ट में कहा, 'भारत के चुनावी चूक आयोग की अलमारी से लगातार और कंकाल बाहर निकल रहे हैं।' 

'हर कीमत पर चुनाव जीतना था'
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति किसी भी कीमत पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को अपने पक्ष में करना थी। उन्होंने इसे 'बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली का पाठ्यपुस्तक जैसा उदाहरण' बताया और कहा कि इसकी निगरानी मुख्य चुनाव आयुक्त ने की। रमेश ने कहा कि 'पुतले को तो जाना ही होगा, लेकिन दो सूत्रधारों को भी जवाबदेह ठहराना होगा।' उनका इशारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह की ओर था।
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'अब हिसाब का वक्त दूर नहीं'
रमेश ने आगे कहा कि ये लोग पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं और अब इनके लिए जवाबदेही का समय ज्यादा दूर नहीं है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को INDIA गठबंधन के सांसदों के साथ-साथ दूसरे विपक्षी दलों के सांसद भी चुनाव आयोग के दफ्तर तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। इन सांसदों को भी मार्च में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस मार्च का मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना है।

संसद परिसर में सुरक्षा को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
रमेश ने संसद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में पहले से ही 'अभूतपूर्व सुरक्षा घेराबंदी' जैसी स्थिति नजर आ रही है। उनके मुताबिक, इससे ऐसा लगता है कि सूत्रधारों की जोड़ी काफी घबराई हुई है।

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फॉर्म-6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों का चुनाव आयोग पर हमला उस वक्त और तेज हो गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दबाव में संविधान के साथ विश्वासघात किया और SIR प्रक्रिया के लिए फॉर्म में एकतरफा बदलाव किए।
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