भाजपा ने राज्य में इस महीने होने वाले शहरी निकाय चुनावों में किसी मुस्लिम उम्मीदवार को उम्मीदवार नहीं बनाने का फैसला किया है। उसे उम्मीद है कि इस फैसले से आम लोगों में एक सही संदेश जाएगा कि पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति पर भरोसा नहीं करती।
पार्टी ने पहले दो अल्पसंख्यकों को टिकट दिया था। लेकिन तृणमूल कांग्रेस की कथित धमकी के बाद उन्होंने अपने नाम वापस ले लिए। भाजपा की अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अली हुसैन ने कहा कि पार्टी ने पांशकुड़ा नगरपालिका में दो अल्पसंख्यकों को मैदान में उतारा था। लेकिन तृणमूल की ओर से मिली धमकी के बाद उन दोनों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।
उन्होंने कहा कि जिन निकायों में चुनाव होने हैं वहां के ज्यादातर वार्डों में मुस्लिम आबादी बहुत कम है। इसलिए पार्टी ने इस बार वहां किसी अल्पसंख्यक को टिकट नहीं देने का फैसला किया है। दूसरी ओर, पूर्व मेदिनीपुर जिले जिसके तहत पांशकुड़ा नगरपालिका है, के तृणमूल कांग्रेस नेता शुभेंदु अधिकारी ने उम्मीदवारों को धमकाने के भाजपा के आरोपों को निराधार करार दिया है।
भाजपा को भरोसा है कि इस फैसले से आम लोगों में सही संदेश जाएगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि इससे लोगों को समझ में आएगा कि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस की तरह भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती।
भाजपा के एक अन्य नेता ने कहा कि पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में इसी फार्मूले पर चल कर भारी कामयाबी मिली थी। सात नगरपालिकाओं के लिए मतदान 13 अगस्त को होगा जबकि नतीजों का एलान 17 अगस्त को किया जाएगा।