बीजिंग में अगले साल शीतकालीन ओलंपिक होना है, लेकिन अमेरिका ने इसके राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की। इसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और न्यूजीलैंड ने भी इसका बहिष्कार कर दिया। इन बहिष्कारों से बौखलाए चीन ने गुरुवार को पश्चिमी देशों को चेतावनी दी कि वे इस बहिष्कार की ‘कीमत चुकाएंगे’। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका का यह फैसला केवल एक साजिश है जो नाकाम होकर रहेगा।
हालांकि चीन से सीमा विवाद को लेकर तनाव के बावजूद भारत ने इस तरह की कोई घोषणा नहीं की है। चीन अगले साल फरवी से मार्च तक बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों का आयोजन कर रहा है। चीनी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने किसी भी अमेरिकी अधिकारी को उद्घाटन में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया था।
खेलों के राजनयिक बहिष्कार का क्या मतलब है?
आमतौर पर राजयनिक बहिष्कार वह होता है जिसमें सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर कोई राजनयिक बड़ी अंतरराष्ट्रीय सभाओं और प्रमुख शिखर सम्मेलनों में या इस तरह के बड़े आयोजनों में शामिल नहीं होते हैं। शीतकालीन ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार का अर्थ है कि बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक में अमेरिका, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और कनाडा के कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहेंगे।
यह खेलों का पूरी तरह बहिष्कार नहीं है, क्योंकि अधिकारियों के नहीं रहने के बावजूद खिलाड़ियों का खेल प्रभावित नहीं होगा, जितना कि एक एथलीट के बहिष्कार करने से होता। हालांकि, बहिष्कार करने वाले किसी भी देश ने यह नहीं कहा है कि उनके एथलीट इन खेलों में शामिल नहीं होंगे, जिसका मतलब है कि खेलों के प्रभावित होने की संभावना नहीं है।