बुधवार को दिल्ली में एनडीए और इंडिया गठबंधन, दोनों की बैठक हुई है। कांग्रेस पार्टी को 99 सीटें हासिल हुई हैं। इंडिया गठबंधन की बात करें, तो उसके पास 234 सीटें हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही कांग्रेस पार्टी ने भाजपा और नरेंद्र मोदी को घेरना शुरू कर दिया है। गुरुवार को पार्टी नेता जयराम रमेश ने अपने एक दांव से नरेंद्र मोदी, टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, इन तीनों को उलझाने की कोशिश की है। साथ ही, जयराम रमेश ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'बनने जा रहे एक तिहाई प्रधानमंत्री से हमारे चार सवाल हैं।
जयराम रमेश ने जो सवाल पूछे हैं, वे आंध्र प्रदेश और बिहार से संबंधित हैं। तेलुगू देशम पार्टी 'टीडीपी' के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू अगले सप्ताह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। दूसरी तरफ, बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार हैं। इस बार के लोकसभा चुनाव में जो नतीजे सामने आए हैं, उनमें सत्ता की चाबी, इन दोनों नेताओं के हाथ में है। लोकसभा चुनाव में जदयू को 12 तो टीडीपी को 16 सीटों पर विजय मिली है। इन दोनों दलों की सीटों की बदौलत ही एनडीए, सत्ता की दहलीज तक पहुंच सका है। जयराम रमेश ने अपने एक ट्वीट में लिखा, बनने जा रहे एक तिहाई प्रधानमंत्री से हमारे चार सवाल। 30 अप्रैल 2014 को पवित्र नगरी तिरुपति में आपने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने का वादा किया था। क्या वह वादा अब पूरा होगा?
अपने दूसरे सवाल में जयराम ने पूछा, क्या आप विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के निजीकरण को अब रोकेंगे। तीसरा सवाल, क्या आप बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देकर अपने 2014 के चुनावी वादे और अपने सहयोगी नीतीश कुमार की दस साल पुरानी मांग को पूरा करेंगे। चौथा सवाल, क्या आप बिहार के जैसा ही पूरे देश में जाति जनगणना करवाने का वादा करते हैं।
इस तरह से जयराम ने अपने चार सवालों के जरिए मोदी, नायडू और नीतीश को घेर लिया है। बुधवार को इंडिया गठबंधन की बैठक खत्म होने के कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था, इंडिया गठबंधन सही समय का इंतजार करेगा। हम एकजुट होकर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़े हैं। हम मोदी जनमत को नकारने की कोशिश करेंगे।
बतौर खरगे, ये मोदी की नैतिक और राजनीतिक हार है। हम मोदी के खिलाफ लड़ते रहेंगे। यह जनादेश भाजपा की नीतियों के खिलाफ है। जनता के जनादेश ने भाजपा, उसकी नफरत और भ्रष्टाचार की राजनीति को करारा जवाब दिया है। इंडिया गठबंधन, मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के फासीवादी शासन के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा। खरगे ने कहा, इस गठबंधन में उन सभी दलों का स्वागत है, जो संविधान की प्रस्तावना में अटूट आस्था रखते हैं। इसके आर्थिक, सामाजिक तथा राजनीतिक न्याय के उद्देश्यों को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
इंडिया गठबंधन की बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, शरद पवार (एनसीपी), सुप्रिया सुले (एनसीपी), एम.के. स्टालिन (डीएमके), टीआर बालू (डीएमके), अखिलेश यादव (सपा) और रामगोपाल यादव (सपा) मौजूद रहे। प्रियंका गांधी (कांग्रेस), अभिषेक बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस), अरविंद सावंत शिवसेना (यूबीटी), तेजस्वी यादव (राजद), संजय यादव (राजद), सीताराम येचुरी सीपीआई (एम), संजय राऊत शिवसेना (यूबीटी), डी. राजा (सीपीआई), चंपई सोरेन (झामुमो), कल्पना सोरेन (झामुमो), संजय सिंह (आप), राघव चड्ढा (आप), दीपांकर भट्टाचार्य सीपीआई (एमएल), उमर अब्दुल्ला (जेकेएनसी), सैय्यद सादिक अली शिहाब थंगल (आईयूएमएल), पी.के. कुन्हालीकुट्टी (आईयूएमएल), जोस के. मणि केसी (एम), थिरु थोल. थिरुमावलवन (वीसीके), एन.के. प्रेमचंद्रन (आरएसपी), डॉ. एम.एच. जवाहिरुल्लाह (एमएमके), जी. देवराजन (एआईएफबी), थिरु ई.आर. ईश्वरन (केएमडीके) और डी. रविकुमार (वीसीके) भी बैठक में शामिल हुए।