बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक यूनियनों ने 15 और 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। ऐसे में मार्च में बैंक लगातार चार दिन बंद रहेंगे क्योंकि 13 को महीने का दूसरा शनिवार है, जबकि 14 को रविवार है। मंगलवार को हैदराबाद में हुई एक बैठक में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने 19 फरवरी को सभी राज्यों की राजधानियों में एक दिवसीय धरना करने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही 20 फरवरी से 10 मार्च तक सभी राज्यों, जिलों और कस्बों में धरनों का आयोजन किया जाएगा।
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसएिशन (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि यूएफबीयू की मंगलवार को हुई बैठक में बैंकों के निजीकरण के सरकार के निर्णय का विरोध करने का फैसला किया गया। ये उपाय प्रतिगामी और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ हैं। इसीलिए इसका विरोध करने की जरूरत है। एआईबीएई ने एक बयान में कहा कि बैठक में इस बार के बजट में सुधार मानकों समेत आईडीबीआई बैंक व दो सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के निजीकरण को लेकर की गई घोषणाओं पर चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह अपने बजट भाषण में विनिवेश कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी। सरकार पहले ही 2019 में आईडीबीआई बैंक में अपनी बहुलांश हिस्सेदारी एलआईसी को बेचकर उसका निजीकरण कर चुकी है। साथ ही पिछले चार साल में सार्वजनिक क्षेत्र के 14 बैंकों का विलय किया गया है।
यूएफबीयू के सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसिशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉयज कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) शामिल हैं। इसके अलावा इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयज फेडरेशन (आईएनबीईएफ), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) शामिल हैं।