प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन पर उत्तर प्रदेश के एक युवा कारपेंटर (बढ़ई) को बेहद गुस्सा है। 32 साल के संदीप सोनी की शिकायत है कि पीएम मोदी की कही गई बात को बैंक ऑफ बड़ौदा ने मानने से इनकार कर दिया है। संदीप वही शख्स हैं जिन्होंने अपने हुनर से पीएम मोदी को एक नायाब तोहफा भेंट किया था। संदीप ने भगवद गीता के सभी 18 अध्यायों और कुल 706 श्लोकों को अपनी कारीगरी से लकड़ी पर उकेरा था।
संदीप के इस हुनर को प्रोत्साहित करते हुए पीएम मोदी ने 8 मार्च 2016 को इसे सराहा और संदीप की आर्थिक मदद का 'प्रधानमंत्री रोजगार जनन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से सहायता का भरोसा दिलाया था। बता दें कि कानपुर के बर्रा के रहने वाले संदीप अपनी खुद की एक कंपनी खोलना चाहते हैं। बतौर कारपेंटर संदीप को एक कंपनी खोलने के लिए पीएम मोदी ने
स्टार्टअप के लिए 25 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया था।
लेकिन इस ऐलान के बाद खुश संदीप को तब मायूसी हाथ लगी जब बैंक ने उन्हें पैसे देने से इनकार कर दिया। संदीप को बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से मात्र 10 लाख रुपये दिए गए और बाकी के रुपये देने के लिए उन्हें नियमों में ऐसा उलझा दिया कि हुनरमंद संदीप अभी भी अपनी कंपनी की नीव नहीं रख पाए हैं।
पीएम मोदी के ऐलान के बावजूद संदीप के साथ हो रहे इस अन्याय से वो बेहद दुखी हैं। इसकी शिकायत करते हुए संदीप ने पीएम मोदी को भी चिट्ठी लिखी है। लेकिन अभी तक उनकी इस समस्या पर सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।