श्री शिव पार्वती सखार कारखाना लिमिटेड ने एक परियोजना के लिए बैंकों से 100 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसके बाद कारखाना प्रबंधन ने बैंकों को 71.19 करोड़ रुपये नहीं चुकाए। मामले में बैंक ने शिव पार्वती सखार कारखाना लिमिटेड के निदेशकों और अन्य के खिलाफ खातों में हेराफेरी करने, जालसाजी करने और फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई।
बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में ईडी ने महाराष्ट्र में एक चीनी कारखाने और उसकी सहयोगी कंपनियों के ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान ईडी ने 19.50 लाख रुपये नकदी जब्त की। इसके अलावा ईडी ने कार्रवाई के दौरान तमाम दस्तावेज भी सीज किए।
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श्री शिव पार्वती सखार कारखाना लिमिटेड ने एक परियोजना के लिए बैंकों से 100 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसके बाद कारखाना प्रबंधन ने बैंकों को 71.19 करोड़ रुपये नहीं चुकाए। बैंक ने जांच की सामने आया कि शिव पार्वती सखार कारखाना लिमिटेड ने तसगांवकर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, तसगांवकर इंडस्ट्रीज लिमिटेड और इसकी सहयोगी हाईटेक इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जैसी सहायक कंपनियां बनाकर ऋण का बड़ा हिस्सा दे दिया। मामले में बैंक ने शिव पार्वती सखार कारखाना लिमिटेड के निदेशकों और अन्य के खिलाफ खातों में हेराफेरी करने, जालसाजी करने और फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की जांच सीबीआई ने शुरू की। मामला मनी लॉड्रिंग से जुड़ा होने के चलते जांच ईडी को सौंप दी गई। ईडी ने मामले की जांच के दौरान शिव पार्वती सखार कारखाना लिमिटेड, हाईटेक इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों जैसे नंदकुमार तसगांवकर, संजय अवाटे और राजेंद्र इंगवाले के मुंबई, बारामती और पुणे में ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 19.50 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।
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टीडीएस रिफंड घोटाले में भी जांच तेज
ईडी ने 263 करोड़ के आयकर टीडीएस रिफंड घोटाले में आईपीएस अफसर के पति पुरुषोत्तम चव्हाण समेत पांच आरोपियों की संपत्तियां कुर्क कीं। ईडी ने आरोपी पुरुषोत्तम चव्हाण के मुंबई स्थित फ्लैट, लोनावाला और राजेश बृजलाल बटरेजा की जमीन, अनिरुद्ध गांधी की एक कंपनी के बैंक डिपॉजिट, राजेश शेट्टी और भूषण अनंत पाटिल की बीमा पॉलिसी और एफडी समेत कुल 14.02 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया। इन संपत्तियों पर पीएमएलए एक्ट में जारी आदेश के तहत कुर्क किया गया। घोटाले में अब तक 182 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।