करीब 21 साल के लंबे इंतजार के बाद बांग्लादेश के लोगों को एक बड़ी सौगात मिली है। यहां पद्मा नदी पर बने पुल को आज लोगों के खोल दिया गया है। यह पुल बांग्लादेश का सबसे लंबा पुल है, जो देश की राजधानी ढाका और मोंगला पोर्ट के बीच की दूरी को कम करेगा। खबरों के मुताबिक, इससे बांग्लादेश को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ावा मिलेगी। शनिवार को जबरदरस्त उत्साह के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस पुल का लोकापर्ण किया। इस दौरान 'हमारा पैसा, हमारा ब्रिज, हमारा गौरव- पद्मा ब्रिज' के नारे भी लोगों ने लगाए।
बांग्लादेश सरकार ने इस मौके पर न्यूज एजेंसी एएनआई से बताया कि यह बांग्लादेश के लोगों के लिए एक सपने का सच होने जैसा है। इस पुल के माध्यम से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का अनुमान है कि पुल के कारण सकल घरेलू उत्पाद में 1.23 प्रतिशत और दक्षिण-पश्चिम क्षेत्री सकल घरेलू उत्पाद में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
सिर्फ ढांचा नहीं, बांग्लादेश के गौरव क्षमता, शाना का प्रतीक है पद्मा पुल
प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को बांग्लादेश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन किया। इस पुल का निर्माण पूरी तरह से देश के पैसे से हुआ। इस मौके पर हसीना ने कहा, पद्मा पुल केवल ईंट और सीमेंट का ढेर नहीं, बल्कि बांग्लादेश के गौरव, क्षमता और शान का प्रतीक है। हसीना ने पद्मा पुल के निर्माण से जुड़े लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, पद्मा पुल का उद्घाटन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूरी तरह घरेलू खर्च से निर्मित हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि जिन्होंने पद्मा पुल की निर्माण योजना का विरोध किया और उसे ‘पाइप ड्रीम’ बताया, उनके भीतर आत्मविश्वास की कमी थी। मुझे उम्मीद है कि यह पुल उनके अंदर विश्वास पैदा करेगा।
उन्होंने कहा, यह पुल केवल ईंट, सीमेंट, लोहे और कंक्रीट का ढांचा नहीं यह पुल हमारा गौरव है, यह हमारी क्षमता, शक्ति और शान का प्रतीक है। यह पुल बांग्लादेश के लोगों का है। इस बीच, भारतीय उच्चायोग ने इस परियोजना के पूरा होने पर बांग्लादेश सरकार को बधाई दी।
मेरे परिवार का नाम खराब करने की साजिश रची गई
शेख हसीना ने शनिवार को पुल का उद्घाटन करते हुए कहा, यहां मेरे परिवार का नाम खराब करने की साजिश रची गई। 2009 में सरकार बनाने के बाद, पीएम हसीना को तब झटका लगा जब विश्व बैंक ने भ्रष्टाचार के आधार पर 1.2 बिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण रद्द कर दिया, इसके अलावा पद्मा पुल के लिए ऋण भी रद्द कर दिया गया।
हालांकि कनाडा की एक अदालत ने बाद में आरोप को खारिज कर दिया। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) ने भी परियोजना को पूरी तरह से ऐसे समय में खारिज कर दिया जब हसीना की शक्ति पर पकड़ कमजोर थी। हसीना ने कहा, विश्व बैंक और उसके साथियों द्वारा कई साजिशें, भ्रष्टाचार के झूठे आरोप और मानहानि ने परियोजना को चुनौती दी। साजिशकर्ताओं द्वारा मेरे परिवार और अधिकारियों का नाम खराब किया गया।
2009 में हसीना सरकार को लगा था झटका
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया, शेख हसीना सरकार ने 2009 में ऋण रद्द होने का झटका लगने के बाद इस पुल को अपने दम पर पूरा करने की ठानी। पद्मा पुल का निर्माण कर सभी के सामने एक उदाहरण पेश किया। सरकार ने कहा पद्मा ब्रिज देश का गौरव है जो देश के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के अलावा बाकी हिस्सों को जोड़ता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, इस पुल ने देश के 21 जिलों को जोड़ता है।
लंबाई के मामले में दुनिया में 122वां स्थान
पुल की लंबाई के मामले में इसे दुनिया में 122वां स्थान दिया गया है। मुख्य पुल 6.15 किलोमीटर लंबा है। 6.15 किमी लंबे पुल का निर्माण 2015 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2021 में यह पूरा हुआ।