नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में शनिवार को हुई गोलीबारी की घटना में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है। वहीं 10 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। नॉर्वे पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की यह घटना ओस्लो के लोकप्रिय लंदन पब में हुई है। यह क्लब समलैंगिकों के बीच काफी चर्चित है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, घटनास्थल के पास से ही एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि, हमले का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। गौरतलब है कि ओस्लो में शनिवार को ही समलैंगिकों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक प्राइड परेड का आयोजन किया जाना है। इससे ठीक पहले इस तरह की घटना ने इलाके में हलचल मचा दी है। पुलिस ने भी पूरे शहर में सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, नॉर्वे की राजधानी के नाइट-लाइफ जिले में एक बंदूकधारी ने तड़के गोलीबारी कर दी। घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। नॉर्वे में वार्षिक गौरव उत्सव के दौरान हुई इस घटना की जांच पुलिस आतंकवादी कोण से भी कर रही है।
इस बीच, ईरानी मूल के 42 वर्षीय नॉर्वे के एक नागरिक को संदिग्ध के बतौर गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं ने कहा कि गिरफ्तार नागरिक ने तीन स्थानों पर फायरिंग की, जबकि उसका मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस अटॉर्नी क्रिस्टियन हैटलो ने कहा, गिरफ्तार शख्स आबादी में गंभीर भय पैदा करना चाहता था। हमलावर के पास से एक पिस्टल, स्वचालित हथियार व दो आग्नेयास्त्र गए जब्त किए हैं। हमले के बाद ओस्लो प्राइड के आयोजकों ने परेड रद्द कर दी।
ओस्लो में गोलीबारी की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब शहर में समलैंगिकों के समर्थन में एक वार्षिक रैली के आयोजन की तैयारियां चल रही थीं। गोलीबारी वाला स्थान समलैंगिकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह रैली भी रद्द कर दी गई।
2011 के हमले में मारे गए 69 लोग
आमतौर पर शांत समझे जाने वाले नॉर्वे में गोलीबारी की सबसे दर्दनाक घटना 2011 में हुई थी। उस वक्त दक्षिणपंथी विचारधारा वाले एक शख्स ने 69 लोगों की हत्या कर दी थी। 2019 में एक अन्य दक्षिणपंथी चरमपंथी ने अपनी सौतेली बहन की हत्या करने के बाद एक मस्जिद में गोलीबारी की, लेकिन इस घटना में किसी को नुकसान पहुंचने से पहले उसे पकड़ लिया गया था।