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Bangladesh: 'हिंदू संत कृष्ण दास को जमानत नहीं मिलना दुखद', इस्कॉन ने बांग्लादेश सरकार से की अपील

Thu, 02 Jan 2025 03:39 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

राधारमण दास ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि उनकी तबीयत खराब होने और उनके पिछले 40 दिनों से जेल में होने के आधार पर उन्हें इस बार जमानत मिल जाएगी, लेकिन इस बार भी जमानत न मिलना दुखद है।
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चिन्मय कृष्ण दास - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को जमानत नहीं मिलने को इस्कॉन कोलकाता ने दुखद बताया। गुरुवार को इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने कहा कि मामले की सुनवाई का एकमात्र सकारात्मक पक्ष यह रहा कि चिन्मय कृष्ण दास का प्रतिनिधित्व अदालत में वकीलों द्वारा किया गया, पिछली सुनवाई में ऐसा नहीं किया गया था। राधारमण दास ने कहा कि चिन्मय कृष्ण दास की तबीयत भी खराब बताई जा रही है। 
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इस्कॉन प्रवक्ता बोले- जमानत मिलने की थी उम्मीद
राधारमण दास ने कहा कि 'हमें उम्मीद थी कि नए साल में उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।' बांग्लादेश की एक अदालत ने गुरुवार को इस्कॉन के पूर्व नेता चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के एक मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया। इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास कहा कि चिन्मय कृष्ण दास के वकील बांग्लादेश की उच्च अदालत में अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि चिन्मय कृष्ण दास की तबीयत भी खराब बताई जा रही है। 

40 दिनों से जेल में बंद हैं चिन्मय कृष्ण दास
राधारमण दास ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि उनकी तबीयत खराब होने और उनके पिछले 40 दिनों से जेल में होने के आधार पर उन्हें इस बार जमानत मिल जाएगी, लेकिन इस बार भी जमानत न मिलना दुखद है। इस्कॉन प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि चिन्मय कृष्ण दास की जमानत की अपील जब उच्च न्यायालय में दायर की जाएगी तो उनके वकीलों को अदालत के अंदर और बाहर पर्याप्त सुरक्षा मिलेगी और उन पर हमला नहीं किया जाएगा। बता दें कि चिन्मय कृष्ण दास के वकील पर बीते दिनों हमला हुआ था, जिसके बाद पिछली सुनवाई में चिन्मय कृष्ण दास की तरफ से सुनवाई में कोई वकील पेश नहीं हुआ था। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता ने कहा कि अगर चिन्मय कृष्ण के लिए पेश होने वाले किसी भी वकील की पिटाई करने की धमकी दी जाती है, तो बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। 
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गुरुवार को सुनवाई के दौरान चिन्मय कृष्ण दास को अदालत में नहीं लाया गया और उन्हें वर्चुअली पेश किया गया। चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद से मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में हिंदू समुदाय पर हमले की कई घटनाएं हुई हैं।
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