शहरी निकायों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का विरोध कर रहे जनजातीय संगठनों की अपील पर सोमवार से नगालैंड में शुरू बेमियादी बंद की वजह से आम जनजीवन ठप हो गया है। हालांकि बंद के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। राज्य सरकार ने बंद के दौरान सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किए हैं। सरकारी सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी।
नगालैंड ट्राइब्स एक्शन कमेटी और ज्वायंट एक्शन कमेटी ने मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग को इस्तीफे के लिए शनिवार तक का अल्टीमेटम दिया था। उसकी समय सीमा पार होने के बाद इन संगठनों ने अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। उसी के तहत आज से बेमियादी बंद की अपील की गई है। राजधानी कोहिमा व राज्य के दूसरे सबसे बड़े शहर दीमापुर में बंद का भारी असर नजर आया। यहां तमाम दुकानें, बाजार, स्कूल-कालेज और सरकारी व गैर-सरकारी दफ्तर बंद रहे।
आम लोग भी सड़कों पर नहीं नजर आए। ज्वायंट एक्शन कमेटी के प्रवक्ता डी. कोन्याक ने कहा कि हमने अपनी स्थिति साफ कर दी है। मुख्यमंत्री के इस्तीफा नहीं देने तक हम चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के अलावा राज्य के तमाम लोग महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के खिलाफ हैं।