यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा गुजरात मॉडल के बजाय बनारस मॉडल को अपने प्रचार अभियान का औजार बनाएगी। इसके बदौलत पार्टी की कवायद मोदी को यूपीवाला के रूप में पेश करने की है। मगर इसे गुजरात मॉडल की फीकी पड़ रही चमक के रूप में भी देखा जा रहा है। यही वजह है कि गुजरात के बजाय भाजपा की रणनीति पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में हुए विकास कार्यों के जरिए पूर्वी यूपी की जनता के दिल में उतरने की है।
इस कवायद में भाजपा ने मोदी के जरिए बनारस में किए गए विकास कार्यों का पुलिंदा तैयार करवाना शुरू कर दिया है। जिसे काशी और गोरक्ष क्षेत्र की जनता के बीच जोर-शोर से प्रचारित किया जाएगा। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य का इस मामले में कहना है कि बनारस के विकास की बदौलत यूपी की जनता का विश्वास पीएम मोदी में और बढ़ा है। पहले लोग सिर्फ काम की घोषणाएं सुनते थे। लेकिन अब जमीन पर कार्य होता देख रहे हैं। पीएम बनने के बाद मोदी ने बनारस में ढेरों कार्य किए हैं।
बनारस अब तक विकास से अछूता था। अपने संसदीय क्षेत्र का चहूमुखी विकास कर मोदी ने विकास की गंगा बहा दी है। जनता पर बनारस के विकास का असर जरूर होगा। मोदी के नेतृत्व में बनारस में चल रहे विकास कार्यों को देखकर जनता उत्साहित है। आचार्य का कहना है कि पीएम मोदी के बदौलत बनारस में जो सुविधाएं बहाल हुई हैं उसे पूर्वांचल के लोग देख रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में बही विकास की गंगा को प्रचारित कर भाजपा की रणनीति पूरे पूर्वांचल में परचम लहराने की है। यही वजह है कि मोदी के पीएम बनने के बाद से ही केंद्र सरकार ने उनके संसदीय क्षेत्र बनारस को विकास की गंगोत्री के रूप में तबदील करना शुरू कर दिया था। जिसे अब बनारस मॉडल के रूप में पेश किया जा रहा है।
क्या बनारस के मॉडल पर यूपी की जनता को लुभा पाएगी भाजपा?
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मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद भी ऐसा ही किया था। पहले उन्होंने सूबे के विकास पर ध्यान दिया। बाद में विकास के गुजरात मॉडल के तौर पर देश-दुनिया में उसकी ब्रांडिंग की। उन्हीं के नक्से कदम पर आगे बढ़ते हुए भाजपा अब बनारस के विकास कार्यों को पूर्वी यूपी की जनता के समाने पेश कर उन्हें सुनहरे भविष्य का सपना दिखाएगी।
बनारस मॉडल के रूप में मोदी के विकास कार्यों को प्रचारित करने की पार्टी ने जो रणनीति बनाई है। उसमें बनारस के 84 घाटों की मरम्मत के साथ सौंदर्यिकरण, बुनकरों के लिए व्यवसायिक केंद्र की स्थापना, रिंग रोड का निर्माण, गंगा स्वछच्ता, एयरपोर्ट का विकास, ट्रामा सेंटर की शुरूआत, सिवेज तंत्र में सुधार, बिजली के तारों का भूमिकरण, गंगा में पोर्ट का निर्माण, मडूआढीह स्टेशन की शुरूआत, नई रेलों की शुरूआत, सडकों का निर्माण और बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों का विस्तार से जिक्र है।
प्रदेश भाजपा महासचिव एवं काशी क्षेत्र प्रभारी अनुपमा जायसवाल का कहना है कि मोदी से पहले बनारस में महज काम की घोषणाएं होती थीं। मगर अब लोगों को कार्य होते दिख रहे हैं। समय पर कार्य हो रहे हैं। शहर की सुंदरता को ग्रहण लगा रहे बिजली के तारों को भूमिगत करने के लिए केंद्र ने 600 करोड़ की राशि से कार्य शुरू किया है।