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Bajrang Dal: प्रतिबंध के बारे में अभी कोई चर्चा नहीं हुई, मंत्री ने कहा- जब जरूरत होगी तब कार्रवाई करेंगे

Thu, 25 May 2023 05:22 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

एक दन पहले कैबिनेट मंत्री प्रियंक खरगे ने बताया कि भाजपा सरकार में लागू किए गए पाठ्यपुस्तक संशोधन एक्ट, धर्मांतरण विरोधी कानून सहित जितने कानून राज्य के खिलाफ हैं, उन्हें वापस लेंगे या फिर उन्हें संशोधित करेंगे। इसी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो कुछ भी समाज के खिलाफ है, जो शांति को भंग करता है।
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जी परमेश्वर
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विस्तार
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कांग्रेस द्वारा सरकार बनने के बाद बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के एलान पर जी परमेश्वर ने अपनी बात रखी। कैबिनेट मंत्री परमेश्वर ने कहा कि फिलहाल अभी तक प्रतिबंध लगाने के बारे में कोई चर्चा नहीं की गई है। इस बारे में कुछ भी बोलना मेरे अपने व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं। 

प्रतिबंध लगाने पर निर्णय ले सकते हैं

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कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने घोषणा की थी कि अगर बजरंग दल और पीएफआई शांतिभंग करते हैं तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। बावजूद इसके अगर स्थिति नियंत्रण से बाहर होती है तो हम इन पर प्रतिबंध लगाने पर निर्णय ले सकते हैं। हालांकि, अभी तक मामले पर चर्चा नहीं की गई है। मंत्री ने आगे कहा कि हो सकता है कि प्रतिबंध पर किसी ने अपने व्यक्तिगत विचार साझा किए हों लेकिन जब ऐसी स्थिति आएगी तो सरकार चर्चा करेगी और निर्णय लेगी।

तमाम चीजों के खिलाफ कार्रवाई 
एक दन पहले कैबिनेट मंत्री प्रियंक खरगे ने बताया कि भाजपा सरकार में लागू किए गए पाठ्यपुस्तक संशोधन एक्ट, धर्मांतरण विरोधी कानून सहित जितने कानून राज्य के खिलाफ हैं, उन्हें वापस लेंगे या फिर उन्हें संशोधित करेंगे। इसी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो कुछ भी समाज के खिलाफ है, जो शांति को भंग करता है, जो समाज विरोधी है ऐसी तमाम चीजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिर चाहे वह कानून हो या फिर नियम, सबकी समीक्षा की जाएगी। हम जन समर्थन सरकार देंगे, हम ऐसा ही प्रशासन भी जनता को देंगे। अगर इसके लिए हमें कानून भी वापस लेने पड़े तो हम वह भी करने में हिचकिचाएंगे नहीं।

रिपोर्ट कैबिनेट लेकर आएंगे

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परमेश्वर ने कहा कि सबसे पहले सरकार बनानी होगी। इसके बाद विभागों का आवंटन करेंगे फिर जिस विभाग का मामला है वह उसे सौंपेंगे। इसके बाद चर्चा की जाएगी। फिर रिपोर्ट कैबिनेट लेकर आएंगे। सब चाहते हैं कि पूरा काम तुरंत हो जाए। किसी एक व्यक्ति का निर्णय सरकार का निर्णय नहीं बन सकता। समय लगता है। कर्नाटक सरकार चुनावों से पहले किए गए पांच वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। परमेश्वर ने कार्रवाई में देरी का आरोप विपक्षी भाजपा और जेडी (एस) लगाया है।

 

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