नायला कादरी ने कहा कि बलूचिस्तान (Balochistan) के लिए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) मौत की सजा है। यह एक आर्थिक परियोजना नहीं है बल्कि एक सैन्य परियोजना (Military Project) है। किसी भी देश को बलूच बंदरगाहों को बेचने का अधिकार नहीं है।
बलूच कार्यकर्ता और प्रोफेसर नाएला कादरी ने कहा कि बलूचिस्तान (Balochistan) में गृहयुद्ध (Civil War) चल रहा है। आजादी के लिए संघर्ष जारी है। छोटी-छोटी लड़कियां और लड़के संघर्ष कर रहे हैं। मैं भारत से आग्रह करूंगी वह आतंकवाद के गढ़ कहे जाने वाले पाकिस्तान (Pakistan) को खत्म करने के लिए बलूचिस्तान से हाथ मिलाएं।
विज्ञापन
कादरी ने आगे कहा कि बलूचिस्तान के लिए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) मौत की सजा है। यह एक आर्थिक परियोजना नहीं है बल्कि एक सैन्य परियोजना है। किसी भी देश को बलूच बंदरगाहों को बेचने का अधिकार नहीं है। वे चीनी और पाकिस्तानी बस्तियों के निर्माण के लिए हमारी पुश्तैनी जमीन से हमें विस्थापित कर रहे हैं।