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यूपी में किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी बसपा

Sun, 20 Mar 2016 12:22 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्रा/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • पांच राज्यों के चुनाव में सभी सीटों पर अकेले दम पर उतरने की रणनीति
  • मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा पर साधा निशाना
  • कहा, भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की हो रही साजिश
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- फोटो : PTI
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विस्तार
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बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी दल से गठबंधन नहीं करने का निर्णय लिया है। पांच राज्यों के चुनाव में भी बसपा अकेले दम पर सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। आमतौर पर ओपिनियन पोल की विरोधी रही बसपा यूपी के ताजा सर्वे पर भरोसा कर रही है। बसपा प्रमुख मायावती ने इन सर्वे को सही ठहराते हुए यूपी में स्पष्ट बहुमत प्राप्त करने का दावा किया है। उन्होंने भाजपा पर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
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बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मायावती ने भाजपा पर अप्रत्यक्ष रूप से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों और काला धन रखने वालों के संरक्षण देने में भाजपा किसी भी स्तर पर कांग्रेस से पीछे नहीं है। इस बैठक में राज्यों में तैनात केंद्रीय संयोजकों को भी बुलाया गया था। मायावती ने संगठन और जनाधार के विस्तार पर वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट ली। दलितों के अलावा समाज के अन्य वर्गों में भी पार्टी की पैठ बनाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

रणनीति के तहत बसपा यूपी में कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। सपा के शासनकाल में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ने को मुद्दा बनाया जाएगा। साथ ही भाजपा पर धार्मिक भावनाएं बढ़ाकर शांति के माहौल को बिगाड़ने के आरोप के बहाने प्रहार की रणनीति तय की गई है। उन्होंने कहा कि गरीबों और पिछड़े- दलितों के लिए अच्छे दिन नहीं आए। केंद्र सरकार बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के लिए सात खून माफ की नीति पर चल रही है। आम जनता पर टैक्स का बोझ थोपा जा रहा है।
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पांच राज्यों का दौरा करेंगी मायावती

- फोटो : PTI
मायावती ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों में दलितों पर अत्याचार बढ़ा है। सरकार संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभा रही है और जातिवादी मानसिकता से काम कर रही है। छद्म राष्ट्रवाद के नाम पर धार्मिक कट्टरता बढ़ाई जा रही है। भाजपा सरकार दलितों से जीने का हक और मुसलमानों से संवैधानिक अधिकार छीन रही है। खाद्यान्न और रसोई गैस को आधार कार्ड से जोड़कर गरीबों को इससे वंचित रखने की साजिश रची गई है।

मायावती ने माना कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों में पार्टी की स्थिति में सुधार में अभी और वक्त लगेगा। मायावती ने इन राज्यों में चुनावी सभाओं के कार्यक्रम तय कर दिए हैं। मायावती ने यूपी में कार्यकर्ताओं को चुनाव तैयारियों में जुट जाने तथा अन्य राज्यों में स्थानीय मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

मायावती ने कहा कि वोट बैंक के लिए कुछ सियासी दल अब अंबेडकर और कांशीराम का नाम रट रहे हैं। ऐसे दल ज्योतिबा फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरु के नाम का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। जिन लोगों ने दलित संतों और महापुरुष का जीवन भर विरोध और तिरस्कार किया वे लोग दलितों को गुमराह करने में जुटे हैं।
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