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Badlapur Case: बदलापुर में प्रदर्शनों के बाद हालात सामान्य, इंटरनेट बंद, 300 लोगों के खिलाफ FIR, 40 गिरफ्तार

Wed, 21 Aug 2024 03:11 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे

सार

बदलापुर में दो स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के विरोध में रेल रोको प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान मध्य रेलवे की कुछ रेल सेवाएं बंद कर दी गईं थीं। दोपहर में प्रदर्शनकारी स्कूल पहुंचे और तोड़फोड़ की।
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महाराष्ट्र के बदलापुर में बवाल। - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के बदलापुर में बच्चियों के यौन शोषण के विरोध में हुए बवाल के बाद बुधवार सुबह हालात सामान्य रहे। रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान ट्रेनों का सुरक्षित संचालन कराया गया। पुलिस ने अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए कुछ दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। वहीं विरोध प्रदर्शन और बवाल करने पर पुलिस ने 300 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जबकि 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।  

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बदलापुर में दो स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के विरोध में रेल रोको प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान मध्य रेलवे की कुछ रेल सेवाएं बंद कर दी गईं थीं। दोपहर में प्रदर्शनकारी स्कूल पहुंचे और तोड़फोड़ की। इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस ने रेलवे ट्रैक खाली कराया। दोपहर एक बजे प्रदर्शनकारी वापस रेलवे ट्रैक पर आ गए। 

प्रदर्शनकारियों ने बदलापुर स्टेशन पर बवाल किया। इस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने के 10 घंटे बाद रेल सेवाएं बहाल की गईं। 
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मध्य रेलवे के डीसीपी जीआरपी मनोज पाटिल ने बताया कि अब स्थिति सामान्य है। ट्रेनों की आवाजाही भी हो रही है। कोई धारा नहीं लगाई गई है। अफवाहें न फैलें इसलिए कुछ दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं हैं। पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन और बवाल करने पर पुलिस ने 300 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जबकि 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बदलापुर में क्या हुआ था?
बदलापुर पूर्व के एक नामी स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना ने पूरे इलाके में रोष व्याप्त कर दिया है। बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप स्कूल टॉयलेट साफ करने वाले व्यक्ति अक्षय शिंदे पर लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों में से एक चार साल की है और दूसरी छह साल की है। यह घटना 12 और 13 अगस्त को घटी थी। आरोपी अक्षय शिंदे को 1 अगस्त, 2024 को टॉयलेट साफ करने के लिए अनुबंध के आधार पर स्कूल में भर्ती किया गया था। स्कूल ने लड़कियों के शौचालयों की सफाई के लिए कोई महिला कर्मचारी नियुक्त नहीं की थी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने 12 और 13 अगस्त की कक्षाओं के दौरान बच्चों के साथ बदसलूकी की।


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कांग्नेसियों ने किया प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां
स्कूली बच्चियों के यौन शोषण मामले को लेकर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। मगर जब कार्यकर्ता जब नहीं माने तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। 

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