केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि दिल्ली सरकार के ऑड इवन कार्यक्रम से जितना प्रदूषण घटेगा, उससे ज्यादा प्रदूषण बदरपुर ताप बिजली घर को बंद करने से घटेगा। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार बदरपुर बिजली घर के बदले बवाना बिजली घर को पूरी क्षमता से चलाए और इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय वहां 7.5 से 8 डॉलर प्रति एमबीटीयू की दर से गैस उपलब्ध कराने को तैयार है।
दिल्ली में ऑड-इवन कार्यक्रम शुरू होने से एक सप्ताह पहले अमर उजाला से बातचीत में प्रधान ने कहा था कि वह ऑड इवन जैसे कार्यक्रमों का स्वागत करते हैं और जब यह कार्यक्रम चलेगा तो वह भी इसका पालन करेंगे। लेकिन प्रदूषण कम करने के नाम पर जो यह सब किया जा रहा है, वह महज दिखावा है।
दिल्ली में यदि असल में प्रदूषण कम करना है तो दिल्ली सरकार को बदरपुर ताप बिजली घर को बंद करना चाहिए। उनके मुताबिक यदि दिल्ली सरकार साल भर के लिए बदरपुर ताप बिजली घर को बंद कर दे तो उतना प्रदूषण घटेगा, जितना कि 18 साल तक मोटर वाहनों के चलने से प्रदूषण फैलता है।
बदरपुर बिजली घर बंद करने पर दिल्ली को बिजली कहां से मिलेगी, इस सवाल पर प्रधान ने कहा कि वह बवाना बिजली घर को पूरी क्षमता से चलाने में मदद करेंगे। वह बवाना प्लांट तक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, वह भी 7.5 से 8 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमबीटीयू) की दर से।
इस समय बदरपुर ताप बिजली घर से जो 330 मेगावाट बिजली मिलती है, वह बवाना से ले ले। बवाना बिजली घर में इस समय महज 200 मेगावाट बिजली ही पैदा की जा रही है, जबकि उसकी क्षमता 1,200 मेगावाट तक बिजली बनाने की है। केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री चाहते हैं कि कोयले से चलने वाले देश के सबसे पुराने बदरपुर बिजली घर को बंद कर गैस से बिजली बनाए जाए।
दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली को गैस चैंबर के रूप में परिवर्तित होने संबंधी टिप्पणी करने पर अरविंद केजरीवाल सरकार ने इसी वर्ष एक जनवरी से 15 जनवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में ऑड इवन कार्यक्रम का पहला चरण लागू किया गया था। इस दौरान प्रदूषण कितना घटा इस पर एक मत नहीं बन पाया है। जहां दिल्ली सरकार ने इसे बेहद सफल कार्यक्रम बताया, वहीं पर्यावरणविदों ने प्रदूषण की कमी में कोई खास सफलता नहीं मिलने की बात की। इस कार्यक्रम से कार वाले भी नाखुश हैं क्योंकि उन्हें दिक्कत होती है।