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स्वर्ण मंडित होंगी बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह की दीवारें

Thu, 05 May 2016 06:39 AM IST
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराणसी
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बाबा विश्वनाथ मंदिर - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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बाबा काशी विश्वनाथ के गर्भगृह की दीवारें स्वर्ण मंडित होंगी। बैकुंठ महादेव के शिखर को स्वर्ण पत्तरों से मढ़वाया जाएगा। घिसने से कमजोर हो चुके बाबा के मूल स्वर्ण शिखर पर नए सिरे से गोल्डन कोटिंग कराई जाएगी।
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गर्भगृह की दीवारों और शिखरों को स्वर्ण मंडित कराने की बहुप्रतीक्षित योजना को हरी झंडी मिल गई है। सोने का अतिरिक्त भार सहन करने की क्षमता को लेकर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद गोल्डन कोटिंग योजना को पंख लग गए हैं।

अक्षय तृतीया के दिन नौ मई को सविधि पूजा के साथ इस योजना का श्रीगणेश होगा। इस मंदिर का निर्माण 1780 में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था।
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द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ का मंदिर अब नीचे से ऊपर तक स्वर्ण आभा से दमकता नजर आएगा। कभी शाह सुजाउद्दौला से युद्ध में जीते गए सोने के एक तिहाई भाग को पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने बाबा के दरबार में अर्पित किया था।

अब न्यास परिषद ने इस मंदिर के दूसरे शिखरों और दीवारों को स्वर्ण मंडित कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। न्यास परिषद की हाल में ही हुई बैठक में मंदिर को स्वर्ण मंडित कराने की योजना को गति देने के लिए प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल की मौजूदगी में चर्चा हुई थी। अब इसे मूर्त रूप देने की घड़ी आ गई है।

सात मई को न्यास परिषद के अध्यक्ष योजना को आगे बढ़ाने के लिए मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण के साथ बैठक करेंगे। अक्षय तृतीया के दिन नौ मई को बाबा के दरबार में बैकुंठ महादेव के शिखर और गर्भगृह की दीवारों को स्वर्ण मंडित कराने के लिए पूजा कराई जाएगी।

पहले मंदिर परिसर के अविमुक्तेश्वर, तारकेश्वर और रानी भवानी के भुवनेश्वर मंदिर के शिखरों को भी स्वर्ण मंडित कराने का प्रस्ताव था। तब बेंगलूरू की स्मार्ट क्रिएशन कंपनी ने 42 करोड़ रुपये में इस योजना को साकार करने के लिए कहा था लेकिन इसे कतिपय कारणों से खारिज कर दिया गया था।

स्वर्ण पत्तर चढ़ाने से पहले मंदिर के शिखर और दीवारों की भार सहने करने की क्षमता की रिपोर्ट मांगी गई थी। बीएचयू आईआईटी के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में इसे अतिरिक्त भार सहने के योग्य नहीं माना है लेकिन सीबीआरआई ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में स्वर्ण पत्तरों का भार सहने की क्षमता के अनुरूप बताया है।  
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- द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं बाबा काशी विश्वनाथ
- गंगा स्नान के बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन से मोक्ष प्राप्ति की है धारणा

1780 में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया विश्वनाथ मंदिर के मौजूदा स्वरूप का निर्माण
1853 में पंजाब के तत्कालीन महाराजा रणजीत सिंह ने साढ़े 22 मन सोने से शिखर को कराया था स्वर्ण मंडित
1000 किलो सोना बाबा के शिखर में लगवाया था महाराजा रणजीत सिंह ने

बाबा विश्वनाथ मंदिर न्यास की प्रस्तावित योजनाएं  
- बाबा विश्वनाथ मंदिर का विस्तार करने की है योजना
- मंदिर परिसर का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए आसपास के 39 भवनों की होगी खरीद
- 30 मीटर चौड़ी सड़क, बहुद्देशीय भवन, पूजा-प्रसाद की दुकानें, पार्किंग
- दशाश्वमेध में 40 बेड का सुसज्जित अतिथि गृह प्रस्तावित
- मिर्जापुर के ककरही गांव में 45 बीघा जमीन पर गोशाला निर्माण
- गोशाला के साथ पशु अस्पताल, कर्मचारी आवास और चारागाह भी
- भक्तों के लिए सत्संग भवन और अन्नक्षेत्र के अलावा अस्पताल
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