जल्द ही देश के कई विश्वविद्यालयों में योग में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और पीजी डिप्लोमा की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में योग की पढ़ाई शुरू करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान के चांसलर के नेतृत्व में गठित की गई है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी, विश्व भारती शांतिनिकेतन, राजस्थान यूनिवर्सिटी, केरल यूनिवर्सिटी, इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी और मणिपुर यूनिवर्सिटी में जल्द ही योग शिक्षा पर पांच नए कोर्स शुरू किए जाएंगे।
मंत्रालय के मुताबिक स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान के चांसलर प्रो. एचआर नागेन्द्र के नेतृत्व में समिति योग कोर्स का पाठ्यक्रम तय करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर यूजीसी विश्वविद्यालयों और कालेजों में पांच योग पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देगी।
मंत्रालय के अनुसार योग में बीएससी की अवधि 3 से 6 साल, एमएससी 2 से 4 साल, यूजीसी के मानकों के मुताबिक पीएचडी, 1 से 2 साल का योग में पीजी डिप्लोमा और योग थेरेपी में पीजी डिप्लोमा की अवधि 1 से 2 साल रखी जाएगी। आयुष मंत्रालय का कहना है कि योग की शिक्षा और अभ्यास एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली के नियमन को लेकर कोई केंद्रीय कानून नहीं है।