देर रात रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे आजम खां ने अमर सिंह को राज्यसभा में भेजने के पार्टी के फैसले पर ऐतराज जताया है।
वरिष्ठ सपा नेता और कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा कि मेरी नजर में यह दुखद प्रकरण है। नेताजी (मुलायम सिंह) पार्टी के मालिक हैं और मालिक के फैसले को चुनौती देना मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पार्टी में अब जयाप्रदा की वापसी के सवाल पर पर आजम बोले जो किस्मत में लिखा होगा वह माना जाएगा।
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के सात और विधान परिषद के आठ उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी के संसदीय बोर्ड की मंगलवार की सुबह यहां हुई बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए अधिकृत किए गए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने आजम खां और रामगोपाल यादव के विरोध के बावजूद अमर सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
सपा सुप्रीमो ने अपने पुराने मित्र और अभी हाल में ही सपा में लौटे बेनी प्रसाद वर्मा और राजभवन से ठुकराए गए बिल्डर संजय सेठ की भी राज्यसभा की उम्मीदवारी पर अपनी स्वीकृति की मुहर लगा दी। सेठ की तरह राज्यपाल के ऐतराज के चलते एमएलसी न बन पाने वाले पुराने साथी कमलेश पाठक और रणविजय को भी विधान परिषद भेजने का फैसला किया गया है।