कर्नाटक और महाराष्ट्र से शुरू हुए लाउडस्पीकर विवाद के बीच केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि, यह बकवास है। क्या यह भी कोई मुद्दा है? उन्होंने कहा कि अगर हम इस पर बात करेंगे तो हम उनकी मदद करेंगे, क्या आप उन लोगों की मदद करना चाहते हैं?
दरअसल, अजान विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र से हुई थी। यहां पर राज ठाकरे ने बयान दिया कि, मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बंद हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मस्जिदों के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसके बाद यह मुद्दा कर्नाटक पहुंच गया और कई हिंदू संगठनों ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर बंद करने की मांग की।
इसके बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र सरकार ने लाउडस्पीकरों पर सख्त रुख अख्तियार किया। दोनों जगह तेज आवाज के कारण मस्जिद व मंदिरों को नोटिस दिए गए।बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर कमल पंत ने गुरुवार को बताया कि 125 मस्जिदों, 83 मंदिरों, 22 चर्च, 59 पब, बार और रेस्टोरेंट और 12 उद्योगों को नोटिस जारी किए गए। कहा गया कि लाउडस्पीकर की आवाज स्वीकृत डेसिबल स्तर तक बनाई रखी जाए।
सभी को आदेश का पालन करना होगा
कर्नाटक के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बताया कि धार्मिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिससे लाउडस्पीकर के शोर को तय सीमा में लाया जाए। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। सभी को अदालत के आदेश का पालन करना होगा।
आवासीय इलाकों में 55 डेसिबल की सीमा
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, औद्योगिक इलाकों में दिन में 75, रात में 70 डेसिबल, व्यावसायिक इलाकों में दिन में 65 और रात में 55 डेसिबल की अनुमति है। आवासीय इलाकों में दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल स्तर की ही अनुमति है।