दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के तहत आने वाले सभी लाभार्थियों की पहचान अभी नहीं की जा सकी है। बताया जा रहा है कि 40 फीसदी शहरी और 15 फीसदी ग्रामीण लाभार्थियों की पहचान अब भी बाकी है। जबकि योजना को लांच होने में महज एक महीने से भी कम समय बचा है।
अभी सोमवार को ही स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच एक समझौता हुआ है। जिसके तहत मरीज, अस्पताल और स्टेट हेल्थ एजेंसी के बीच कड़ी का काम करने वाले आरोग्य मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें ये योजना 25 सितंबर को लांच होगी। जिससे देश के करीब 55 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। भारत सरकार की ये योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का हेल्थ कवरेज मिलेगा।
लाभार्थी की पहचान के लिए आशा वर्कर और एएनएम कर रहे हैं काम
लाभार्थियों की पहचान के बारे में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। लाभार्थी की पहचान का काम आशा वर्कर और एएनएम कर रहे हैं। योजना 25 सितंबर को लांच की जाएगी। जिसके बाद से लाभार्थियों को क्यूआर कोड दिए जाएंगे। साथ ही सरकार की ओर से आशा वर्कर और एएनएम लोगों को घर-घर जाकर चिट्ठी पहुंचाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मंजूरी मिलने में लगेगा आधा घंटा
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 1320 प्रोसीजर, जांच और सर्जरी का प्रावधान है। इनमें से आधे के लिए पहले स्टेट हेल्थ एजेंसी से मंजूरी लेनी होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि आधे घंटे में अनुमति मिल जाएगी।