कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक से एक बार फिर पूरे देश में दहशत है। यही वजह है कि एक बार फिर से ज्यादातर लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से खुद को इस संक्रमण से बचाने के प्रयास करने लगे हैं। इसमें यौगिक क्रियाओं से लेकर काढ़े के इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। लेकिन अमूमन देखा जाता है कि लोगों को यौगिक क्रियाओं और आयुर्वेद की दवाओं की बहुत जानकारी नहीं है। अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के योगगुरु मंगेश त्रिवेदी बता रहे हैं कि कौन सा प्राणायाम कोरोना में फायदेमंद है और उसको कैसे करना है।