अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका दाखिल की जाए या नहीं, इस पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की 17 नवंबर यानी रविवार को होने वाली बैठक में फैसला होगा। मामले में मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले वकील जफरयाब जिलानी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सीजेआई रंजन गोगोई की पांच सदस्यीय पीठ ने शनिवार को एकमत से दिए फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल का मालिकाना हक रामलला विराजमान को देते हुए राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया। साथ ही फैसले में सरकार को मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने कहा, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक रविवार को आयोजित की जाएगी और तब ही इस बात पर फैसला होगा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए या नहीं। जिलानी ने इस मामले में निचली अदालत, इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी की थी।