सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने अयोध्या में सोने का राम मंदिर बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अयोध्या का राम मंदिर पूरी दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा स्थापित करने वाला होगा। यह भारत की सांस्कृतिक पहचान बढ़ाने वाला भी होगा, इसलिए इसे बनाते समय इसकी भव्यता का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए हिंदू महासभा और पूरा समाज केंद्र सरकार का साथ देगा।
अयोध्या मामले में एक पक्षकार रहे स्वामी चक्रपाणि महाराज ने अमर उजाला से कहा कि अयोध्या के राममंदिर में समाज के सभी वर्गों के पुजारी नियुक्त किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम समाज में 'राम राज्य' स्थापित करने के लिए जाने जाते हैं। राम राज्य का अर्थ समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देना है। उन्होंने स्वयं अपनी लंका विजय के दौरान समाज के कोल-भील, केवट और जनजातियों को साथ लिया था। इसी आदर्श का पालन करने के लिए अयोध्या के राममंदिर में ब्राह्मणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति के युवकों को भी उचित प्रशिक्षण देकर पुजारी नियुक्त किया जाना चाहिए।
अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी टिप्पणी देते हुए स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि यह फैसला पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल कायम करने वाला है। इसने समाज के सभी वर्गों को साथ लाने का काम किया है। मुस्लिम समाज के लोगों को भी शांति कायम रखते हुए देश के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपनी भावनाएं शांतिपूर्ण ढंग से व्यक्त करने की सलाह भी दी।