उच्चतम न्यायालय में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की लगातार 18वें दिन सुनवाई हुई। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व में मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील को धमकी देने का मामला भी उठा। मुस्लिम पक्ष की तरफ से पेश हुए वकील राजीव धवन ने अदालत से अपनी दलीलें देने के लिए 20 दिन का समय मांगा।
इस दौरान राजीव धवन ने कहा कि तमिलनाडु और राजस्थान के दो लोगों की ओर से उन्हें धमकियां मिल रही हैं। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया। धवन ने कहा कि आरोपियों ने उनके साथ घर और कोर्ट परिसर में रोक-टोक करने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के साथ इस तरह का बर्ताव कोर्ट की अवमानना और आपराधिक मामला है।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस भूमि विवाद पर 18वें दिन सुनवाई शुरू होते ही राजीव धवन की अवमानना याचिका पर ये नोटिस जारी किए। पीठ अवमानना के इस मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद करेगी।