सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस के पक्षकार मौलाना अरशद मदनी ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि का मसला मालिकाना हक का है। पूर्व में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आस्था को आधार बनाकर फैसला किया जिसको सुप्रीम कोर्ट ने कंडम कर दिया था।
इसलिए अब सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग है या नहीं इस पर पुराने फैसले को बरकरार रखा जिसका कोई असर अयोध्या के मुकदमे पर नहीं पड़ेगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 1994 के बयान को ही दोहराया है।
मौलाना मदनी ने अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि आज भी कुछ लोग अयोध्या में मंदिर मस्जिद को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि वहां मसला मंदिर या मस्जिद का नहीं बल्कि लड़ाई मालिकाना हक की है। मदनी ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि फैसला हमारे हक में आएगा।
हिसार जाते समय रोहतक में प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं लेकिन मंदिर बनाने का रास्ता संसद से निकलेगा। 32 साल से भारतीय जनता पार्टी वादा कर रही है कि पूर्ण बहुमत की सरकार आएगी तो मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाएगी। ट्रिपल तलाक का अध्यादेश आ सकता है, जीएसटी का कानून बन सकता है तो राम मंदिर की अनदेखी क्यों।
आज के फैसले से हिंदुओं का कोई लेनादेना नहीं है, हम न्यायपालिका का सम्मान करते हुए स्पष्ट करते हैं कि केंद्र सरकार तत्काल राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाए और बाद में कानून बनाकर हिंदुओं की मंदिर निर्माण की पूरी करे। पांच अक्टूबर को दिल्ली में मीटिंग है। संसद में अगर नरेंद्र मोदी की सरकार मंदिर निर्माण के लिए कानून नहीं बनानी है तो 21 अक्टूबर को लखनऊ से अयोध्या कूच कर संसद में कानून बनाने की अपनी मांग बुलंद करेंगे।
नई दिल्ली में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधा पर संतों ने दिल्ली में मंथन किया। विश्व वेदांत संस्थान की अगुवाई में जुटे संतों ने एक स्वर से राम मंदिर का निर्माण जल्द कराने की मांग की। संतों ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति निवास की ओर कूच करने का प्रस्ताव भी पेश किया। कई संतों ने केंद्र इस मुद्दे पर सरकार के मौन धारण करने को लेकर भी सवाल उठाए।
दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में सुमेरु पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज काशी ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट कुछ मामलों में रात में अपना फैसला सुना सकता है तो राम मंदिर निर्माण के मामले में देरी क्यों कर रहा है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का भी अब विचार भी बदल रहा है। रामजन्म भूमि मामले में भी मोदी सरकार को अध्यादेश लाना होगा।
उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर तो सरकार चिंतित है, लेकिन राममंदिर निर्माण पर चुप है। संत समाज को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से उनके निवास स्थान पर जाकर मिलना होगा। स्वामी आनंद महाराज ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप कांग्रेस पार्टी पर मढ़ा।
महामंडलेश्वर नवल किशोर महाराज ने कहा कि संतों के चलते ही राष्ट्रभक्त व्यक्ति प्रधानमंत्री बना। अब वह निर्माण की तारीख बताए। जैन मुनी ने कहा कि सद्भावना के माहौल में मंदिर निर्माण होना चाहिए। स्वामी ज्योर्तिमयानंद सरस्वती ने कहा कि कथनी करनी को जब हम एक कर लेंगे तभी निर्माण संभव होगा।
फूलडोलजी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मौनी बाबा हो गए है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मंदिर निर्माण नहीं हुआ तो 2019 आ रहा है। संत समागम में सांध्वी अनादी, सांध्वी विभ्रानंद गिरी, स्वामी विवेकानंद सरस्वती समेत कई संतों ने शिरकत की। इस मौके पर जेके सुदर्शन को विश्व वेदांत संस्थान का राष्ट्रीय अध्यक्ष व राघव को राष्ट्रीय संगठन मंत्री बनाने की घोषणा की गई।