इन मंदिरों में राम जन्मभूमि की रज और यहां से भेजे गये अक्षतों को प्रतिष्ठित किया जाएगा। इसे भेजे जाने के पहले श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अक्षत पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इसमें अक्षत व मिट्टी का पूजन होगा। इसके बाद ही इसे देश के अन्य हिस्सों में भेजने का क्रम शुरू होगा। इस आयोजन को उत्सवी रंग देने का जिम्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद् ने संभाला है। अयोध्या से भेजे गए रज और अक्षत संघ और वीएचपी के कार्यकर्ता देशभर में पहुंचाने का काम करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि, इन सामग्री को अयोध्या से पहले संघ के मुख्यालयों में भेजा जाएगा। इसके बाद वीएचपी और संघ के कार्यकर्ता इसे गांव तक पहुंचाने का काम करेंगे।। अयोध्या से इस सामग्री को भेजने की शुरुआत ही उत्सव के साथ होगी। अक्षत व रज को यहां से भेजने के पहले इसके छोटे-छोटे पैकेट बनाये जाएंगे। ताकि आसानी से इसे पहुंचाया जा सके।
दरअसल रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन 15 से 24 जनवरी तक मनाया जायेगा। इस बीच ही पूरे देश में राम नाम संकीर्तन, रामायण पाठ आदि आयोजन होंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डा. अनिल मिश्र, विहिप नेता प्रकाश शर्मा, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज, धनंजय, अशोक सहित कई साधु संतों ने विमर्श कर योजना तैयार की।