निजी अस्पताल द्वारा आयोजित बहरापन जागरूकता कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा, बच्चों में कम सुनने या बहरेपन के पीछे के कारणों पर शोध किया जाना चाहिए।
निजी अस्पताल द्वारा आयोजित बहरापन जागरूकता कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शिरकत की। बुधवार को कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, बच्चों में कम सुनने की घटनाओं के बारे में समाज में जागरूकता पैदा की जानी चाहिए। बच्चे समाज का भविष्य हैं, केवल अपने माता-पिता तक ही सीमित नहीं है। इसलिए समाज को बच्चों में बहरेपन या श्रवण हानि के मुद्दे के बारे में व्यापक जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए संघ भी इस मिशन में पूरी तरह से सहायता करेगा।
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कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा, बच्चों में कम सुनने या बहरेपन के पीछे के कारणों पर शोध किया जाना चाहिए। इसी दौरान कार्यक्रम में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद किर्तने ने कहा, कॉक्लियर इम्प्लांट (जो सुनने में सुधार कर सकता है) से संबंधित उपकरणों पर जीएसटी उन्हें बहुत महंगा बनाता है और भागवत को सरकार से इस मुद्दे पर गौर करने के लिए कहना चाहिए।
वहीं आरएसएस प्रमुख ने जवाब में कहा, मामले से जुड़े व्यक्ति से वह बात करेंगे। हालांकि वह यह नहीं कह सकते कि यह उपयोगी होगा या नहीं क्योंकि निर्णय लेने के लिए सरकार के अपने नियम और संरचनाएं हैं।