अवामी लीग के नेता मोहिबुल चौधरी ने पुष्टि की है कि वह उन नेताओं में शामिल होंगे, जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ बांग्लादेश वापस लौटेंगे। उन्होंने कहा, हमारे ज्यादातर नेता देश के अंदर हैं। 140 से ज्यादा सांसद जेल में हैं। हमारे (पार्टी के) स्थानीय अध्यक्ष और नगर पालिकाओं के महापौर भी जेल में हैं। कुछ लोग बहुत ही कम संख्या में देश छोड़ने और अलग-अलग देशों में शरण लेने में सफल रहे हैं।
वापसी से पहले अवामी लीग की पहली मांग क्या है?
मोहिबुल चौधरी ने कहा, हमारा पहला मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जो लोग बिना किसी मुकदमे के जेल में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाए और जमानत दी जाए। साथ ही हम पर लगाया गया प्रतिबंध भी हटाया जाए।
उन्होंने कहा, इसी स्थिति को देखते हुए हमारी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि हमारे संस्थान, न्यायपालिका, पुलिस बल, सेना और सीमा सुरक्षा बल कानून के अनुसार काम करेंगे।
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जेल में बंद नेताओं को लेकर क्या कहा?
चौधरी ने आगे कहा, उन्होंने यह भी कहा है कि हम सभी आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, वापस लौटना चाहते हैं। हममें से जो लोग पिछले दो साल से बिना किसी मुकदमे के जेल में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाना चाहिए, ताकि वे सामान्य राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकें।
सरकार के संपर्क में होने पर क्या जवाब दिया?
जब मोहिबुल चौधरी से पूछा गया कि क्या वह बांग्लादेश सरकार के संपर्क में हैं, तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में जानकारी साझा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत वे उन लोगों के संपर्क में रहेंगे, जो उनकी राजनीति में वापसी करा सकते हैं।
अवामी लीग की चुनावी रणनीति क्या है?
अवामी लीग की लंबे समय की रणनीति के बारे में मोहिबुल चौधरी ने कहा, हमारा उद्देश्य चुनाव में हिस्सा लेना है। हमें विश्वास है कि किसी भी निष्पक्ष और सभी को शामिल करने वाले चुनाव में 70 फीसदी लोग अवामी लीग को वोट देंगे।
पाकिस्तान को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा, हम ऐसा दूसरा पाकिस्तान नहीं बनना चाहते, जो अपने लोगों की कीमत पर विदेश में बैठे आकाओं की सेवा करता है।