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Indigo Crisis:'पूरे साल हवाई टिकटों की कीमतों को नहीं कर सकते नियंत्रित', लोकसभा में बोले राममोहन नायडू

Fri, 12 Dec 2025 05:36 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंडिगो संकट को लेकर केंद्र सरकार लगातार एक्शन में नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने हाल ही में इंडिगो को प्रभावित यात्रियों को रिफंड से लेकर मुआवजा तक देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, शुक्रवार को DGCA ने इंडिगो के चार फ्लाइंग इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया।
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नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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इंडिगो संकट के दौरान हाल ही में हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। जिसके बाद सरकार ने टिकटों के किराये पर लिमिट लगा दी। अब सरकार ने हवाई किराये को नियंत्रित करने को लेकर बड़ा बयान दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने संसद में शुक्रवार को बताया कि हम पूरे साल हवाई किराये को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। त्योहारों के दौरान कीमतें बढ़ जाती हैं।
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 'हवाई किराये पर सीमा लगाना व्यावहारिक नहीं'
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार के लिए पूरे देश में हवाई किराये पर सीमा लगाना व्यावहारिक नहीं होगा। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि एक अनियंत्रित बाजार आखिर में उपभोक्ताओं को ही लाभ पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को विकसित होने देने के लिए नियंत्रण पर से ढील दी गई थी।

उन्होंने कहा कि जिन देशों ने असाधारण वृद्धि देखी है, उन सभी ने बाजारों को अनियंत्रित रखा है। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा कंपनियों को क्षेत्र में आने का प्रोत्साहन मिलता है और सहयोग के दरवाजे खुलते हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा, 'इसके चलते बाजार की गतिशीलता को स्वाभाविक रूप से काम करने की इजाजत मिलती है, जिससे मांग और आपूर्ति अपनी स्वाभाविक भूमिका निभा पाती हैं। आखिरकार इसका सबसे ज्यादा फायदा यात्रियों को ही मिलता है।'
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सरकार ने किराये को नियंत्रित न करने की बताई वजह
हवाई किराये पर नियंत्रण लगाने की मांग वाले एक सदस्य के निजी विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया, 'नियंत्रण हटाने का विचार अभी भी कायम है, अगर हम नागरिक उड्डयन क्षेत्र को विकसित करना चाहते हैं, तो सबसे पहली और जरूरी आवश्यकता इसे नियंत्रण से मुक्त रखना है। जिससे बाजार में और कंपनियां आ सकें।'
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नायडू ने बताया, 'बाजार के नियंत्रण में ढील दिए जाने के बावजूद, विमान अधिनियम अपने हालिया रूप में केंद्र सरकार को असाधारण परिस्थितियों में, जहां दुरुपयोग की संभावना हो, दखल देने और हालात को सुधारने का अधिकार देता है। इसमें किराये पर सीमा निर्धारित करना भी शामिल है, ताकि यात्रियों से गैर-वाजिब पैसे न लिए जाएं।'

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