बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर जिले में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के खिलाफ इस साल मार्च में नागपुर में हुए दंगों के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए नौ लोगों को जमानत दे दी। हाईकोर्ट की नागपुर पीठ की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि अब उनकी हिरासत की जरूरत नहीं है। विस्तृत आदेश की एक प्रति बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।
मामले की जांच पूरी हो चुकी
एक आरोपी की ओर से पेश हुए वकील मोहम्मद आदिल शेख ने दलील दी कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और इसलिए आरोपियों को जमानत दी जानी चाहिए। जिन आरोपियों को जमानत दी गई है, उनमें इकबाल अंसारी, एजाज अंसारी, अबसार अंसारी, इजहार अंसारी, अशफाकउल्ला अमीनुल्लाह, मुजम्मिल अंसारी, मोहम्मद राहिल, मोहम्मद यासिर और इफ्तेकार अंसारी शामिल हैं।
पथराव और आगजनी की खबरें आईं थीं
छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुल्ताबाद कस्बे में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र शिलालेखों वाली चादर को जलाने की अफवाह फैलने के बाद 17 मार्च को नागपुर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की खबरें आईं थीं।
33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, 123 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रैंक के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। दंगों के बाद नागपुर पुलिस ने 19 किशोरों सहित 123 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।