भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने केंद्र सरकार से दोनों ही वकीलों को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नैनीताल हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के वकीलों की दलीलों से लगा कि अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की बिलकुल तैयारी नहीं थी और उन्हें हटा दिया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि गरुवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में लगे राष्ट्रपति शासन को हटाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने बरखास्त मुख्यमंत्री हरिश रावत को बहाल करते हुए उन्हें 29 अप्रैल को बहुमत सिद्घ करने का समय दिया। हरिश रावत के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट ने 27 मार्च के पहले की स्थिति बहाल कर दी है।
फैसले पर टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से दो-तीन दिन से जैसी टिप्पणियां हो रही थीं, उससे ये फैसला अपेक्षित था। उल्लेखनीय है कि नैनीताल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा था कि असीमित शक्ति किसी को भी भ्रष्ट कर सकती है फिर चाहे वह राष्ट्रपति ही क्यों न हों। समीक्षा उनके निर्णय की भी हो सकती है वह कोई राजा नहीं हैं।