चार हमलावरों ने दीदारपट्टी गांव के दलित युवक को खेत में बंधक बनाया और आग लगाकर जिंदा जलाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ पिटाई भी की गई। हाथ की रस्सी जलने के बाद किसी तरह युवक छूटकर भागा। परिवार वालों ने युवक को झुलसी हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराकर चार हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
मंगलवार की सुबह साढ़े सात बजे थाना भोजीपुरा इलाके के ग्राम दीदारपट्टी निवासी राजपाल का 18 वर्षीय बेटा मुकेश जाटव गांव के उत्तर स्थित अपने खेत पर गया था। इसी बीच चार हमलावरों ने भूड़ा गांव के मेवाराम के खेत के पास मुकेश को पकड़ लिया। हमलावर उसे खेत में खींचकर ले गए और मिट्टी का तेल छिड़ककर उसके कपड़ों में आग लगाने के बाद फरार हो गए। हाथ की रस्सी जलने के बाद मुकेश ने जलती टी शर्ट निकाल कर जान बचाई और भागते हुए घर पहुंचा।
25 प्रतिशत जली अवस्था में परिवार वाले मुकेश को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मां भागवती और छोटे भाई आशीष जाटव ने बताया कि हमलावरों को मुकेश पहचान नहीं पाया। सीओ नवाबगंज इन्दु प्रभा सिंह ने भी मौके का मुआयना किया।
प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि अज्ञात चार हमलावरों के खिलाफ मुकेश पर जानलेवा हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है। परिजनों ने एक सप्ताह पहले पड़ोसी गांव भगवंतापुर के कुछ लोगों से बकरी चराने के दौरान मुकेश के छोटे भाई आशीष का विवाद हो गया था। पुलिस इसे लेकर भी जांच कर रही है।