राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय की जासूसी की कोशिश किए जाने के कथित मामले की जांच आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) की नागपुर इकाई जल्द ही शुरू करने वाली है। रविवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह कथित बोली आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक सदस्य की ओर से आयोजित किए जाने का आरोप है।
एटीएस की नागपुर इकाई को इसके मुंबई स्थित मुख्यालय से महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पांडेय के आदेश पर निर्देश प्राप्त हुए हैं। जानकारी के अनुसार एटीएस के अधिकारी सोमवार को नागपुर पुलिस से इस मामले की जांच के लिए इससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
इसके अलावा एटीएस नागपुर संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य रईस अहमद शेख असदउल्ला शेख को हिरासत में भी ले सकती है। शेख केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का निवासी है।
पिछले साल जुलाई में शेख ने की थी जासूसी की असफल कोशिश
इससे पहले पुलिस कह चुकी है कि जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य ने जुलाई 2021 में आरएसएस मुख्यालय की जासूसी की नाकाम कोशिश की थी। नागपुर पुलिस के वरिष्ठ आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि उसने शहर के रेशमबाग इलाके में हेडगेवार स्मृति भवन की आंशिक रेकी की थी और पाकिस्तान में अपने हैंडलर को भवन का वीडियो भेजा था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिसंबर 2021 में शेख को किया था गिरफ्तार
शेख को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में उसके पास से एक ग्रेनेड बरामद करने के बाद गिरफ्तार किया था। इसके अलावा पिछले महीने नागपुर में कोतवाली पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। अब इस मामले की जांच एटीएस करेगी।