बीते दिनों देश के विभिन्न भागों में दलितों पर हुए अत्याचार की हाल घटनाओं पर राज्यसभा में अल्पकालिक चर्चा के दौरान बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो और राज्यसभा सांसद ने मायावती ने कहा कि हर कोई दलितों पर हुए अत्याचार की बात करता है लेकिन व्यावहारिक रूप से कुछ भी नहीं करता।
मायावती ने कहा कि भाजपा नेता दयाशंकर को पार्टी से निकालना अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि भले ही संविधान को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने रूप प्रदान किया हो लेकिन अब भी दलितों को उनके सारे अधिकार नहीं मिले हैं। दलितों के हालात पर मायावती ने कहा कि संविधान तो लागू हो गया लेकिन इसे लागू करने वाले मनुवादी लोग है।
मायावती ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सरकार में रही लेकिन बावजूद इसके देश में दलितों पर अत्याचार और भेदभाव जारी रहा। मायावती ने कहा कि दलितों के खिलाफ अत्याचार अब भी जारी है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिलात इसलिए वो दुखी हैं।
गुजरात के उना में हुई घटना पर मायावती ने कहा कि दलितों के लिए न्याय की बात भूल जाइए, यहां तक कि उनकी एफआईआर भी नहीं दर्ज की जाती जिसका ताजा उदाहरण है उना है। मायावती यहीं नहीं रुकी उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में गोरक्षा के नाम पर पहले मुसलमानों और अब दलितों को निशाना बनाया जा रहा है।