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दिहाड़ी मजदूर के अकाउंट में मिले 1 करोड़, बैंकिग सेक्टर में मची खलबली

Thu, 21 Jul 2016 03:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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घटना का पता तब चला जब इनकम टैक्स विभाग ने उस दिहाड़ी मजदूर को नोटिस पकड़ा दिया। - फोटो : Getty
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पंजाब के एक दिहाड़ी मजदूर के निष्क्रिय पड़े अकाउंट में एक करोड़ रुपये देखकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कान खड़े हो गए हैं। दरअसल, औचक निरीक्षण में पाया गया कि दिहाड़ी मजदूर की जानकारी के ठगी करने वाले उसके अकाउंड के जरिए लेन देन करते हैं। उस घटना के बाद बैंकिग सेक्टर में खलबली मची है। 
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चिंताजनक बात ये है कि इस घटना का पता तब चला जब इनकम टैक्स विभाग ने उस दिहाड़ी मजदूर को नोटिस पकड़ा दिया। गौरतलब है कि दिहाड़ी मजदूर को इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। 

इस मामले के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पब्लिक और राज्यों के अधीन बैंकों को याचिका भेजकर 'मनी मुलिंग' के प्रति चेताया है। आरबीआई ने कहा है कि एनडीए सरकार की प्रधानमंत्री जन धन योजना फ्लैगशिप योजना के तहत खोले गए बैंक खातों का गलत उपयोग हो सकता है। 
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इसके साथ ही बैंक ने पोंजी स्कीम चलाने वालों और 'काइट फ्लायर्स' से सावधान रहने को कहा है। 

क्या है मनी म्यूल (Money Mule)

मनी म्यूल एक ऐसा टर्म है जिसका प्रयोग उस व्यक्ति के लिए किया जाता है, जो धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। जैसे इस केस में दिहाड़ी मजदूर 'मनी म्यूल' है। आमतौर पर ठगी करने वाले ग्राहकों से ई-मेल, चैट रूम, जॉब वेबसाइट्स या ब्लॉग के जरिए संपर्क करते हैं। ठगी करने वाले ग्राहकों को इस बात के लिए मना लेते  है कि उनके अकाउंट में पैसे का आदान-प्रदान होगा और उन्हें कमीशन मिलेगा। 
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