फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: चार साल में हथियार आयात 9.3 फीसदी घटा; पाकिस्तान ने सबसे अधिक चीनी असलहे खरीदे

Wed, 12 Mar 2025 05:29 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो

सार

भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। बीते चार साल में देश का हथियार आयात 9.3 फीसदी घटा है। पड़ोसी देश आर्थिक-राजनीतिक समेत रक्षा के मोर्चे पर भी जूझ रहा है। इसकी एक मिसाल पाकिस्तान में बढ़ने वाला हथियार आयात है। सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का आयात 61 फीसदी बढ़ा है। उसने सबसे ज्यादा हथियार चीन से खरीदे हैं।
विज्ञापन
राफेल विमान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रक्षा क्षेत्र में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। बीते चार साल में हथियारों पर विदेशी निर्भरता कम हुई है। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर जोर के चलते ही वर्ष 2015-19 की तुलना में वर्ष 2020-2024 में हथियारों के आयात में 9.3 फीसदी की कमी आई है।
विज्ञापन


स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की नई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। हालांकि आयात में कमी आने के बावजूद भारत अभी भी दुनिया में हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। सिपरी रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार यूक्रेन ने खरीदे, जो रूस के साथ जंग लड़ रहा है। 2020 से 24 के दौरान यूक्रेन का हथियारों का आयात 100 फीसदी बढ़ गया।

भारत में हथियारों की खरीद का सबसे बड़ा हिस्सा (36 प्रतिशत) रूस से आया। यह 2015-19 में 55 प्रतिशत और 2010-14 में 72 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है। वहीं, पाकिस्तान में हथियारों का आयात 61 प्रतिशत बढ़ा है। उसका सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता चीन रहा। 2020-24 के दौरान पाकिस्तान ने 81 फीसदी हथियार चीन से खरीदे, जो 2015-19 में 74 प्रतिशत थी। हालांकि, 1990-94 के बाद पहली बार चीन शीर्ष 10 हथियार आयातकों से बाहर हो गया। 
विज्ञापन


यूरोपीय देशों में 155 फीसदी की वृद्धि
रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय हथियारों के आयात में 155 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हथियारों के आयात में वृद्धि यूरोपीय देशों की यूक्रेन पर रूस के हमले और अमेरिकी विदेश नीति के भविष्य पर अनिश्चितता के मद्देनजर हुई।
nयूक्रेन को सबसे ज्यादा हथियार अमेरिका (45 प्रतिशत) से प्राप्त हुए, जिसके बाद जर्मनी (12 प्रतिशत) और पोलैंड (11 प्रतिशत) का स्थान रहा। वहीं, पूर्वी एशियाई देशों के हथियार आयात में 22 फीसदी की कमी आई है। हालांकि, 93 फीसदी की वृद्धि के साथ जापान एकमात्र पूर्वी एशियाई देश है, जिसके आयात में वृद्धि देखी गई।

यह भी पढ़ें- Defence: सेना के T-72 टैंकों के लिए रूस से इंजन खरीदेगा रक्षा मंत्रालय, 24 करोड़ डॉलर के सौदे पर किए हस्ताक्षर

निर्यात में अमेरिकी हिस्सेदारी बढ़ी, रूस की घटी
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने वैश्विक हथियार निर्यात में अपनी हिस्सेदारी 43 प्रतिशत तक बढ़ाई, जबकि रूस के निर्यात में 64 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, वैश्विक हथियार निर्यात में 7.8 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाला रूस, फ्रांस के बाद तीसरे स्थान पर आ गया है। निर्यात में फ्रांस की हिस्सेदारी 9.6 फीसदी है। इटली (4.8 प्रतिशत) 10वें स्थान से छठे स्थान पर पहुंच गया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- SIPRI: 2020-24 में सबसे बड़ा हथियार आयातक देश रहा यूक्रेन, दूसरे स्थान पर भारत; वैश्विक थिंक-टैंक की रिपोर्ट

वर्ष 2020-24 में फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता देश बन गया, जिसने 65 देशों को हथियार भेजे। सिपरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हथियारों के आयात-निर्यात की कुल मात्रा 2015-19 और 2010-14 में लगभग समान स्तर पर रही, क्योंकि यूरोप और अमेरिका में बढ़ते आयात की भरपाई अन्य क्षेत्रों में कमी से हुई।

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें