कैराना से विशेष समुदाय के लोगों को लेकर भाजपा की ओर से जारी की गई सूची को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फर्जी करार दिया है। उन्होंने दावा किया है कि 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 मुसलमान पलायन कर गए। ओवैसी ने भाजपा से सवाल पूछा है कि क्या भाजपा से वहां भी कैराना की तरह टीम भेजकर जांच कराएगी।
हैदराबाद से लोक सभा सांसद ओवैसी ने शनिवार (18 जून) को कहा कि कैराना मुद्दे पर नाटक करना भाजपा और सपा दोनों के हितों के अनुकूल बैठता है। उन्होंने दावा किया कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 से अधिक लोगों ने अपना मूल स्थान छोड़ दिया, जहां वे पीढ़ियों से रहते आ रहे थे।
कैराना मुद्दा भाजपा का असली चेहरा उजागर करता है
उन्होंने इसे देश की आजादी के बाद अल्पसंख्यकों को सामूहिक रूप से हटाने का कार्य बताया। ओवैसी ने कहा, ‘क्या भाजपा एक टीम भेजेगी? (मुजफ्फरनगर दंगों के बाद) विस्थापित हुए 50,000 लोगों के साथ क्या हुआ, इसका पता लगाने के लिए क्या भाजपा कोई समय निकालेगी?’
ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास कोई और मुद्दा नहीं है। कैराना मुद्दा भाजपा का असली चेहरा उजागर करता है, जो सबका साथ सबका विकास की बात करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा बहुसंख्यक समुदाय के बीच डर की भावना पैदा करना चाहती है। सपा मुसलमानों को देश देना चाहती है कि यदि आप सपा को नहीं चुनते हैं तो आप असुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि जब ऐसा मुद्दा सामने आता है तो सपा खुश होती है, क्योंकि इसे अपने मकसद में नाकाम रहने और कुशासन पर सवालों का जवाब नहीं देना पड़ता है। ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश चुनाव में लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन के लिए विकल्प खुले रखे हैं।
Published by Yogender Kumar