गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है। विभिन्न राजनेता भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। शिवेसना (उद्धव ठाकरे) नेता संजय राउत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक हत्या हुई और धारा 144 लगा दी गई है। यह सरकार ने किया है। लेकिन पुलिस की मौजूदगी में यह घटना हुई, जिसके चलते यह गंभीर मामला है। इससे कानून व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े होते हैं।
कपिल सिब्बल ने जताई चिंता
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने असद के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'एक युवा लड़के, जिसकी उम्र 19 साल थी, वह कैसे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है? अगर आप उसे पकड़ना चाहते थे तो उसके पैरों पर गोली मारी जा सकती थी और उसके बाद उसे सजा दी जा सकती थी। आप उसे मारना क्यों चाहते थे?'
अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या में क्या सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए? इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि 'मैं ऐसी उम्मीद तो करता हूं, ना सिर्फ ये बल्कि न्याय की पूरी प्रक्रिया जैसे किसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए, कितने दिनों तक उसे जेल में रखना चाहिए, इसकी लिए सुप्रीम कोर्ट के नियम हैं लेकिन इन्हें सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।'
बता दें कि शनिवार रात प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस दोनों को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जा रही थी, इस दौरान पत्रकार साथ-साथ चलते हुए अतीक और अशरफ पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे, इसी बीच तीन हमलावरों ने पुलिस का घेरा तोड़कर अतीक और अशरफ के सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।