अटल बिहारी वाजपेयी और भैरव सिंह शेखावत की दोस्ती खूब परवान चढ़ी और सियासत में बने इस दोस्ती के रिश्ते को निभाया गया। बता दें कि वैवाहिक कार्यक्रम में सियासत से परे जाकर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर ने अटल बिहारी वाजपेयी की अगवानी की। इस शादी में लालकृष्ण आडवाणी भी पहुंचे थे।
यह वो दौर था जब दोनों भारतीय जनता पार्टी की जड़े जमाने में लगे थे। भैंरो सिंह जब तक जीवित रहे, तब अपने दिल्ली प्रवास के दौरान रोजाना अटल बिहारी वाजपेयी के आवास जाते थे और उनकी कुशलक्षेम पूछते थे। दोनों ही नेताओ ने इस दोस्ती के रिश्ते को बखूबी निभाया। हालांकि अब अटल जी राजनीति में सक्रीय नहीं है, वही भैरो सिंह अब इस दुनिया में ही नहीं है।