पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी 97वीं जयंती पर कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री होने के अलावा हिंदी कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे। वह जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे। अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म आज के ही दिन यानी 25 दिसंबर 1924 को हुआ था।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर अटल बिहारी वाजपेयी की एक पुरानी तस्वीर को साझा करते हुए उन्हें याद किया। स्मृति ईरानी ने अटल बिहारी को 'बापजी' कहकर संबोधित किया है। स्मृति ईरानी ने लिखा 'बापजी हमेशा यादि किए जाएंगे'।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वाजपेयी की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे। सभी ने उनके स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, अटल जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। अटल जी को उनकी जयंती पर याद कर रहे हैं। हम राष्ट्र के लिए उनकी समृद्ध सेवा से प्रेरित हैं। उन्होंने भारत को मजबूत और विकसित बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी विकास की पहल ने करोड़ों भारतीयों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
वहीं, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने ट्वीट किया, भारत रत्न से सम्मानित देश के पूर्व प्रधानमंत्री, अनुकरणीय सांसद एवं लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक, संवेदनशील राष्ट्रवादी कवि, ओजस्वी वक्ता, हमारी पीढ़ी के यशस्वी अजातशत्रु, अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती पर हमारे प्रेरणा स्रोत को कोटि-कोटि नमन। वाजपेयी देश में संचार और सड़क के माध्यम से संपर्क क्रांति के प्रणेता रहे। उन्होंने प्रशासन को स्थानीय स्तर पर जनसामान्य के लिए सार्थक, सुगम और सुलभ बनाया।
वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में अटल बिहारी वाजपेयी इस देश के लिए प्रकाश स्तंभ जैसे थे, क्योंकि उन्होंने 22-23 पार्टी के साथ सरकार चलाई। उन्होंने देश की राजनीति को एक नई दिशा दी।