नोटबंदी के बाद जिन लोगों ने बैंकों में संदिग्ध पैसे जमा किए लेकिन अभी तक आयकर रिटर्न नहीं भरे हैं उनके खिलाफ आयकर विभाग अगले साल जनवरी से पूर्ण मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करेगा।
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आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सभी आयकर अधिकारियों से कहा है कि वे 31 दिसंबर तक ऐसी संस्थाओं को नोटिस देने के प्रक्रिया पूरी करें।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आयकर नोटिसों के जवाब मिलने के बाद विभाग इन करदाताओं के खिलाफ जनवरी के दूसरे पखवाड़े से पूर्ण मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करेगा। वहीं जिन संस्थाओं से नोटिस के जवाब मिल गए हैं उनकी जांच की जा रही है।
जिन्होंने अपने कालेधन को सफेद करने का प्रयास किया है और कर जमा करने से बच रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग की यह कार्रवाई ऑपरेशन क्लीन मनी (ओसीएम) के तहत की जा रही है। इसे इस साल की शुरुआत में नोटबंदी के बाद कालाधन की जांच के लिए शुरू किया गया था।
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ओसीएम के तहत पहले चरण की ऑनलाइन पुष्टि के दौरान और आंकड़ों के आधार पर विभाग ने लगभग 18 लाख करदाताओं के आंकड़े इकट्ठे किए हैं। इन लोगों ने अपने बैंक खातों में पर्याप्त मात्रा में नकद राशि नोटबंदी अवधि (8 नवंबर-20 दिसंबर, 2016) के दौरान जमा कराए थे लेकिन अभी भी इन्होंने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं किए हैं।