चुनावी राज्यों में प्रचार के लिए के लिए चुनाव आयोग ने वीडियो वैन के इस्तेमाल की अनुमति तो दे दी है, लेकिन इसके बाद भी असमंजस की स्थिति बनी हुई। दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा वीडियो वैन के इस्तेमाल को लेकर कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं, जिस कारण राजनीतिक पार्टियां असमंजस में पड़ गई हैं।
दरअसल, आयोग के नियमों के तहत पार्टियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वीडियो वैन खुले स्थान पर रुके और उसके आसपास ज्यादा भीड़ इकट्ठा न हो। इतना ही नहीं एक स्थान पर अधिकतम 30 मिनट तक ही वीडियो वैन को रोकने की अनुमति दी गई है।
चुनाव आयोग ने खुले स्थान पर अधिकतम 500 दर्शकों के साथ वीडियो वैन की अनुमति दी है। साथ ही यह भी कहा गया कि इसके इस्तेमाल से लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए और न हीं यातायात बाधित होना चाहिए।
वोट मांगने या उम्मीदवार के प्रचार के लिए नहीं होगा वैन का इस्तेमाल
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में साफ कहा था कि पार्टियां अपनी वीडियो वैन का प्रयोग अपनी पार्टी की नीतियों के प्रचार के लिए कर सकती हैं। वह सीधे तौर पर वोट मांगने या उम्मीदवार का प्रचार नहीं करेंगी। इस पर पर्यवेक्षकों को बारीकी से नजर रखने को कहा गया है।
सुबह आठ से रात आठ बजे तक ही होगा वैन का इस्तेमाल
आदेश में कहा गया है कि वीडियो वैन का इस्तेमाल रैलियों या रोड शो के लिए नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा सिर्फ रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक ही इसका प्रयोग होगा।