प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश समेत पांचों राज्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूरी ताकत लगा दी। इन रैलियों का असर कितना हुआ, ये आज मालूम चलेगा जब नतीजे सामने आएंगे। हम आपको बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने पिछले 23 दिन के अंदर यानी 10 फरवरी से लेकर पांच मार्च तक कहां-कहां रैलियां कीं और उन जिलों के क्या हैं समीकरण...?
पहले उत्तर प्रदेश की रैलियों के बारे में जान लीजिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : ANI
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां कुल 32 फिजिकल और 12 वर्चुअल रैली की। ज्यादातर वर्चुअल रैली पहले चरण वाली सीटों में हुईं। प्रधानमंत्री ने फिजिकल रैली की शुरुआत 10 फरवरी से शुरू की, जब पहले चरण का मतदान चल रहा था। वर्चुअल रैली के जरिए पीएम ने यूपी की 126 सीटों को कवर किया। पिछली बार इनमें से 104 सीटें भाजपा के खाते में थीं।
प्रधानमंत्री ने जिन जिलों में रैलियां कीं उनमें सहारनपुर, कासगंज, कन्नौज, कानपुर देहात, सीतापुर, फतेहपुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, कौशांबी, अमेठी, प्रयागराज, बस्ती, देवरिया, वाराणसी, बलिया, महाराजगंज, सोनभद्र, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली और मिर्जापुर शामिल थे।
उत्तराखंड : तीन रैलियां, 21 सीटों पर निशाना
पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित किया। पहली रैली 10 फरवरी को पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में थी। यहां छह सीटें हैं और 2017 में इन सभी पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। इसी तरह दूसरी रैली पीएम ने 11 फरवरी को अल्मोड़ा में की थी। यहां भी छह सीटें हैं और सभी पर पिछली बार भाजपा ने जीत दर्ज की थी। तीसरी और आखिरी रैली 12 फरवरी को उधम सिंह नगर में हुई थी। यहां सबसे ज्यादा नौ विधानसभा सीटें हैं।
इसके पहले पीएम ने तीन अलग-अलग वर्चुअल रैलियों को भी संबोधित किया था। तीन फरवरी को उन्होंने वर्चुअल रैली के जरिए अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ के मतदाताओं को संबोधित किया था। सात फरवरी को देहरादून और हरिद्वार के वोटर्स के लिए रैली थी। आठ फरवरी को उधम सिंह नगर और नैनीताल में ये वर्चुअल रैली हुई।
पंजाब : तीन रैलियों के सहारे 16 सीटों पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी ने पंजाब में तीन फिजिकल और एक वर्चुअल रैली को संबोधित किया। सबसे पहले आठ फरवरी को फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना के वोटर्स के लिए रैली हुई। इसके पहले सुरक्षा कारणों से पीएम की एक रैली रद्द हो गई थी। इसको लेकर खूब विवाद हुआ था।
इसके बाद पीएम मोदी 14 फरवरी को जालंधर में अपनी पहली फिजिकल रैली के लिए पहुंचे। यहां नौ सीटें हैं। इनमें से एक पर भी भाजपा प्रत्याशी की जीत नहीं हुई थी। 2017 में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। तब शिरोमणि अकाली दल के चार प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। पांच पर कांग्रेस उम्मीदवार जीते थे। दूसरी रैली 16 फरवरी को पठानकोट में हुई। यहां तीन सीटें हैं। भाजपा यहां मजबूत मानी जाती है। पीएम की तीसरी रैली 17 फरवरी को फाजिल्का में हुई। यहां चार सीटें हैं। यहां से भी इस बार भाजपा ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
मणिपुर और गोवा में पीएम का कम फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री का सबसे कम फोकस मणिपुर और गोवा में रहा। पीएम ने दोनों राज्यों में एक-एक फिजिकल और एक-एक वर्चुअल रैली की। फजिकल रैली के जरिए पीएम ने मणिपुर की 11 सीटों को साधने की कोशिश की, वहीं गोवा की 19 सीटों पर फोकस रहा। मणिपुर में प्रधानमंत्री ने 22 फरवरी को रैली की। वहीं, 10 फरवरी को उन्होंने गोवा में रैली की।
एक दिन में तीन-तीन रैलियां कीं
प्रधानमंत्री ने एक दिन में तीन-तीन रैलियां कीं। 10 फरवरी को मोदी सहारनपुर, उत्तराखंड के श्रीनगर के साथ-साथ गोवा भी पहुंचे। ये फजिकल रैली का पहला दिन था। इसके बाद लगभग वह दिन उन्होंने दो से तीन रैलियां की हैं। पीएम ने सबसे ज्यादा समय अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दिया।