मध्य प्रदेश चुनावों के दौरान खुद कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ईवीएम मशीनों में खराबी को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। उन्होंने आशंका जताई थी कि थी कि बड़े पैमाने पर खराब हो रही ईवीएम मशीनें किसी साजिश की तरफ इशारा कर रही हैं। वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने भी मध्य प्रदेश में स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ होने की आशंका जताई थी। उन्होंने आयोग से शिकायत के बाद कहा था कि इंदौर समेत कुछ जगहों पर जहां ईवीएम रखे गए हैं, वहां वाईफाई चल रहा है। जिससे मतगणना की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह खड़ा होता है।
वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी विवेक तनखा का समर्थन करते हुए कहा था कि क्या चुनाव आयोग स्पष्ट करेगा?
इससे पहले कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनावों में वोटिंग ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराए जाने की मांग की थी, जिसे लेकर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में मतपत्रों के इस्तेमाल का अनुरोध करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से अपील करते हुए कहा था कि आगामी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में ईवीएम की बजाय मतपत्र से कराए जाएं।