पंजाब में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल गया है। वहीं इस बार के परिणाम में पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से लेकर वर्तमान सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भी करारी हार मिली है। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी हार गए हैं।
पंजाब-117/117(2022)
चुनाव आयोग के आंकड़े
पंजाब में 2017 के चुनाव परिणाम
बता दें कि वर्तमान में राज्य सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कर रहे हैं। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री थे। पंजाब में विधानसभा की कुल 117 सीटें हैं। राज्य में साल 2017 में विधानसभा चुनाव का देखें तो कांग्रेस को 77 सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी। जबकि पंजाब चुनावों में पहली बार उतरी आम आदमी पार्टी 20 सीटें जीतकर राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी। वहीं शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के गठबंधन को कुल 18 सीटें मिली थीं। जिनमें शिरोमणि अकाली दल को 15 और भाजपा को 3 सीटें मिली थीं। लोक इंसाफ़ पार्टी ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने 2017 में लोक इंसाफ पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में गठबंधन टूट गया था।
उत्तराखंड में भाजपा को बहुमत मिल गया है। भाजपा ने अब तक 30 सीटों पर जीच दर्ज कर ली है। वहीं कांग्रेस को 12 सीटों पर जीत मिली है। यहां बहुजन समाज पार्टी को भी एक सीट पर जीत मिली है। हालांकि, भाजपा नेता व सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। खटीमा सीट से उन्हें कांग्रेस के भुवन कापड़ी ने हराया है। धामी की हार के साथ उत्तराखंड में मुख्यमंत्रियों की हार का सिलसिला भी बरकरार रहा। पहले भुवन चंद्र खंडूरी, फिर हरीश रावत तो अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री रहते हुए अपनी विधानसभा सीट को नहीं बचा पाए हैं।
उत्तराखंड-70/70(2022)
2017 में उत्तराखंड की स्थिति
साल 2017 में उत्तराखंड में भाजपा को कुल 70 सीटों में 57 सीटें मिली थीं। इसके बाद दूसरे नंबर की पार्टी कांग्रेस रही जिसे कि 11 सीटें मिली थीं। वहीं अन्य को दो सीटें मिली थीं।
मणिपुर में भाजपा 21 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 11 पर आगे चल रही है। वहीं कांग्रेस को 4 सीटों पर जीत मिल चुकी है। अब तक 42 सीटों के नतीजे आ चुके हैं।
मणिपुर-60/60(2022)
2017 में मणिपुर की स्थिति
साल 2017 में मणिपुर में कांग्रेस को कुल 60 सीटों में 28 सीटें मिली थीं। इसके बाद दूसरे नंबर की पार्टी भाजपा रही जिसे कि 21 सीटें मिली थीं। वहीं अन्य को 11 सीटें मिली थीं।
गोवा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बननी तय है। यहां 39 सीटों पर नतीजे जारी हो गए हैं, जिसमें 20 सीटें भाजपा ने जीत ली हैं। गोवा भाजपा अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े ने बताया कि तीन निर्दलीय विधायकों ने भी भाजपा को अपना समर्थन दिया है। इसलिए हम पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे। गोवा में बहुमत के लिए 21 सीटों जरूरत है।
गोवा-40/40(2022)
2017 में गोवा की स्थिति
साल 2017 में गोवा में कांग्रेस को कुल 40 सीटों में 17 सीटें मिली थीं। इसके बाद दूसरे नंबर की पार्टी भाजपा रही जिसे कि 13 सीटें मिली थीं। इसके अलावा एनसीपी ने यहां एक, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने 3, गोवा फोरवार्डी पार्टी को 3 और निर्दलीयों ने 3 सीटों पर जीत हासिल की है। हालांकि आम आदमी पार्टी को शून्य सीट मिली थी।
प्रधानमंत्री ने भारत की राजनीति की संस्कृति बदल दी है। अब रिपोर्ट कार्ड की राजनीति है। काम करोगे, जनता के बीच में जाओगे और जनता का आशीर्वाद लोगे। आज विकास की राजनीति है, महिला सशक्तिकरण, किसानों का सशक्तिकरण की राजनीति है: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा
हमारे युवाओं ने जिस प्रकार भाजपा को समर्थन दिया है, वह अपने आप में बहुत बड़ा संदेश है। मुझे इस बात का भी संतोष है कि फर्स्ट टाइम वोटर्स ने बढ़चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया और भाजपा की जीत पक्की की। चुनाव के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुझसे वादा किया था कि इस बार होली 10 मार्च से ही शुरू हो जाएगी। हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं ने ये विजयी पताका लहराई है। मैं भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं की भूरी-भूरी प्रशंसा करता हूं। जनता-जनार्दन का दिल जीतने में, विश्वास जीतने में हम सफल रहे और पूरे पार्टी का नेतृत्व जिन्होंने किया। जिन्होंने लगातार मार्गदर्शन किया, ऐसे हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का मैं अभिनंदन करता हूं, बधाई देता हूं।