चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अलग-अलग दलों के नेताओं ने चुनाव कार्यक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने जीत का दावा किया है तो किसी ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है। पश्चिम बंगाल से लेकर केरल और तमिलनाडु तक राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति और भरोसा दोनों जाहिर किए हैं।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वाम दल और डीएमके जैसे दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। कई नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी। वहीं कुछ नेताओं ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठाए। सभी दलों का कहना है कि आने वाले चुनाव उनके लिए बेहद अहम हैं और जनता ही अंतिम फैसला करेगी। आइए विस्तार से जानते हैं किसने क्या कहा।
बंगाल में दो चरणों में चुनाव का कांग्रेस ने किया स्वागत
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव कराने के चुनाव आयोग के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि यह फैसला सही है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि मतदाता बिना डर और दबाव के वोट डाल सकें। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार बहुचरणीय चुनाव हुए, फिर भी मतदाता खुलकर मतदान नहीं कर पाए। बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना चार मई को होगी।
क्या पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने जीत का भरोसा जताया?
सिलीगुड़ी के मेयर और टीएमसी नेता गौतम देब ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे और उनकी पार्टी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी बात निष्पक्ष मतदाता सूची है। सभी योग्य मतदाताओं का नाम सूची में होना चाहिए और किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। गौतम देब ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और टीएमसी ही जीत हासिल करेगी।
बंगाल चुनाव को लेकर गिरिराज सिंह का बयान
चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल को सबसे अहम चुनाव बताया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा और अब चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदाताओं को किसी तरह की धमकी या दबाव का सामना न करना पड़े। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता मतदाताओं को डराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
ये भी पढ़ें- इस बार बंगाल में दो चरणों में क्यों हो रहे है चुनाव? निर्वाचन आयोग ने बताई यह अहम वजह
क्या भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर हमला बोला?
झारखंड से केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार देश के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाती रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव दर चुनाव हार रही है और अब शतक की ओर बढ़ रही है। संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन पांच राज्यों में भी भाजपा बड़ी जीत दर्ज करेगी, जैसा बिहार में हुआ था।
क्या केरल में कांग्रेस ने 100 सीट जीतने का दावा किया?
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता वी डी सतीशन ने कहा कि यूडीएफ पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में मिली बड़ी जीत के बाद यूडीएफ को भरोसा है कि इस बार केरल में 100 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। सतीशन ने कहा कि राज्य की जनता उस सरकार के खिलाफ खड़ी होगी जिसने प्रदेश को नुकसान पहुंचाया है।
क्या वाम दलों ने तीसरी बार सरकार बनाने का दावा किया?
सीपीआई-एम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि चुनाव जल्दी हो रहे हैं, इससे उन्हें खुशी है। उन्होंने कहा कि एलडीएफ सरकार के विकास कार्यों को जनता जानती है और पार्टी पूरी तरह तैयार है। वहीं सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर योग्य मतदाता को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए और चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए।
क्या तमिलनाडु में डीएमके और भाजपा के बीच सियासी टकराव बढ़ा?
डीएमके के प्रवक्ता सलेम धरनीधरन ने कहा कि मुख्यमंत्री की योजनाओं की वजह से तमिलनाडु देश के लिए उदाहरण बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि डीएमके को 200 से ज्यादा सीटों पर जीत मिल सकती है। वहीं भाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि साफ मतदाता सूची बनाना जरूरी है ताकि कोई फर्जी वोट न हो। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के लिए दो चरणों में चुनाव कराना सही फैसला है और उनकी पार्टी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।
अन्य वीडियो-