मेघालय में कांग्रेस का वादा- बीपीएल माताओं को मिलेगी तीन हजार रुपये मासिक सहायता
मेघालय में कांग्रेस ने गुरुवार को वादा किया कि अगर पार्टी 27 फरवरी को होने वाले चुनाव में पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता में आती है तो बीपीएल माताओं को 3,000 रुपये की मासिक सहायता और हर घर को नौकरी दी जाएगी।
यहां जारी कांग्रेस के घोषणापत्र में पार्टी ने वाणिज्यिक (कॉमर्शियल) और घरेलू उपयोगकर्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करने और एक कानून लाने का भी वादा किया। पार्टी ने कहा कि वह विकास और बुनियादी ढांचे से संबंधित सभी फाइलों को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य करेगी।
कांग्रेस के राज्य प्रमुख विन्सेंट एच पाला ने कहा, अगर कांग्रेस सरकार बनाती है, तो वह अकेले अपने बच्चों की परवरिश करने वाली एकल बीपीएल माताओं को प्रति माह 3,000 रुपये ट्रांसफर करेगी। यह महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता देने और उन्हें बेहतर तरीके से अपने घरों को चलाने में मदद करने के लिए सशक्त बनाएगा। यह एक वर्ष में 36,000 होता है जो एक पर्याप्त राशि है।
अकेले बच्चों की परवरिश करने वाली माताओं को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूंकि उनमें से बड़ी संख्या में शिक्षित नहीं है, इसलिए उनके लिए राज्य में अच्छी नौकरियां प्राप्त करना मुश्किल है। मेघालय में बाल विवाह और किशोर गर्भावस्था की दर भी अधिक है।
नगालैंड चुनाव: आठ फरवरी तक 31,57,89,902 रुपये की जब्ती
नगालैंड सीईओ कार्यालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि आठ फरवरी तक राज्य में केंद्रीय और राज्य एजेंसियों द्वारा 31,57,89,902 रुपये की नकदी की जब्ती की गई। कुल जब्ती में नकदी,भारत में बनी विदेशी शराब (आईएमएफएल), ड्रग्स/नशीले पदार्थ, मुफ्त उपहार और अन्य सामान शामिल हैं।
माकपा ने भाजपा पर साधा निशाना
त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी के ‘अमृत काल’ के नारे को लेकर गुरुवार को भाजपा पर ज़ोरदार हमला बोला। माकपा ने दावा किया कि दक्षिणपंथी पार्टी के शासकाल को ‘ज़हर काल’ कहना चाहिए।
वाम दल का त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ मुकाबला है। उसने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के संविधान पर हमला शुरू किया है और राजनीतिक बढ़त के लिए धर्म को औज़ार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।
राजधानी अगरतला से 70 किलोमीटर दूर स्थित अमरपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने कहा कि प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है, लेकिन हमने पाया कि इस साल के बजट में खाद्य सब्सिडी में कटौती की गई है। यह अमृत काल नहीं है, यह जहर काल है। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। हिंदुत्व की उनकी विचारधारा का धर्म के रूप में हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। यह चुनावी लाभ के लिए हमारे लोगों को बांटने का एक राजनीतिक औजार है।
मेघालय में एनपीपी और टीएमसी के 31 समर्थक चुनाव पूर्व हिंसा के आरोप में गिरफ्तार
मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स जिले में इस सप्ताह की शुरुआत में चुनाव पूर्व हिंसा में कथित संलिप्तता के आरोप में नेशनल पीपुल्स पार्टी और विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के 31 समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति मंगलवार की रात 46 फूलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के चरबतापारा गांव में हंगामा करने वाले गिरोह में शामिल थे।
एसपी विवेकानंद सिंह ने बताया, ''हमने 31 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें टीएमसी के 16 समर्थक और एनपीपी के 15 कार्यकर्ता शामिल हैं।''